हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी, कहा- रेप पीड़िता का बयान वेद वाक्य नहीं

एक बेटी द्वारा पिता पर रेप के आरोप लगाने से आरंभ होता है.अमृतसर निवासी 17 वर्षीय पीड़िता ने 10 जून 2013 को पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके पिता ने उसके साथ 8 जून को सुबह साढ़े पांच बजे रेप किया.

इसके बाद जिला अदालत ने पिता को दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई और साथ ही 5 हजार का जुर्माना लगाया.

पिता ने इन आदेशों को चुनौती देते हुए एडवोकेट बलबीर सिंह जसवाल के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की.याची ने कहा कि वह रिक्शा चलाता है और सुबह घर से जल्दी निकल कर देर रात लौटता है.बेटी के अनैतिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण वह उसे डांटता था जिसके चलते उसने याची के खिलाफ रेप की शिकायत दे दी.

याची ने कहा कि पूरा परिवार एक ही कमरे में रहता है और जिस दिन रेप की बात की जा रही है उस दिन छुट्टी थी और ऐसे में सभी सदस्य घर पर ही मौजूद थे.ऐसे मे बयानों में सीधे तौर पर विरोधाभास है.साथ ही मेडिकल एविडेंस भी पीड़िता के खिलाफ हैं और ताजा संबंध बनने की बात भी उनमें साबित नहीं हुई.

हाईकोर्ट ने याचिका को मंजूर करते हुए याची को निर्दोष करार देते हुए जिला अदालत के आदेश खारिज कर दिया हैं तथा पिता को बरी करने के आदेश दिए हैं.कोर्ट ने आदेशों में कहा कि निश्चित रूप से रेप पीड़िता के बयान के आधार पर सजा दी जा सकती है लेकिन रेप पीड़िता का बयान को वेद वाक्य नहीं है जिसे बिना किसी अपवाद के स्वीकार कर लिया जाए.न्यायालय की जिम्मेदारी बनती है कि वे परिस्थितियों बयानों की विश्वसनीयता को देखने के बाद ही आदेश जारी करें.

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रेप के मामले में दोषी करार दिए गए व्यक्ति की याचिका को मंजूर करते हुए स्पष्ट कर दिया कि रेप पीड़िता का बयान वेद वाक्य नहीं है.घटना के समय की परिस्थितियां और बयान की विश्वसनीयता देखना कोर्ट का दायित्व बनता है.

पीड़िता ने पुलिस को 10 जून 2013 को शिकायत दी थी कि उसके पिता ने उसके साथ 8 जून को सुबह साढ़े पांच बजे रेप किया.

उस समय उसके भाई-बहन स्कूल गए थे और उसकी मां की मानसिक हालत ठीक न होने के कारण वह घर से बाहर थीं.मौके का फायदा उठाकर पिता ने उसके साथ रेप किया और यह सिलसिला पिछले दो साल से चल रहा है.इसके बारे में उसने अपने भाई -बहन को भी बताया था परंतु उन्होंने उसे शिकायत करने से मना कर दिया.

पीड़िता ने कहा उसने बड़ी हिम्मत जुटाकर दो दिन बाद शिकायत दी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए पिता को गिरफ्तार कर लिया और पीड़िता का मेडिकल करवाया.