रविशंकर, नड्डा, जावड़ेकर सहित सात केंद्रीय मंत्री दस राज्यों से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित

कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, झारखंड, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 23 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान होगा. मतगणना भी उसी दिन कराकर परिणाम घोषित किया जाएगा.केरल में इसी दिन एक राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव कराया जाएगा. यह सीट जदयू से अलग हुए गुट के सांसद वीरेंद्र कुमार के इस्तीफे से खाली हुई थी. वह वामदलों के समर्थन से चुनाव में खड़े हुए हैं.23 मार्च को इन राज्यों में होगा राज्यसभा निर्वाचन
उत्तरप्रदेश (10 सीट)
कर्नाटक (4 सीट)
छत्तीसगढ़ (1 सीट)
तेलंगाना (3 सीट)
पश्चिम बंगाल (5 सीट)
झारखंड (2 सीट)
केरल (1 सीट)

गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नाम वापस लेने की आखिरी तारीख थी. बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में सभी उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिए गए. अतिरिक्त उम्मीदवार के मैदान में नहीं होने के चलते यहां मतदान की जरूरत नहीं पड़ी. निर्वाचित होने वालों में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, जेपी नड्डा और प्रकाश जावड़ेकर समेत सात केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं. देश के 16 राज्यों की 58 सीटों के लिए चुनाव का एलान किया गया था.

बिहार से छह सीटों के लिए भाजपा से केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, जदयू से वशिष्ठ नारायण सिंह और महेंद्र प्रसाद सिंह, राजद से मनोज झा और अशफाक करीम तथा कांग्रेस से अखिलेश प्रसाद सिंह चुने गए. इन सभी ने विधानसभा सचिव से अपनी जीत का प्रमाण पत्र लिया. महेंद्र सिंह सातवीं, वशिष्ठ नारायण तीसरी बार तो प्रसाद लगातार चौथी बार राज्यसभा सांसद बने हैं. राजद और कांग्रेस के सदस्य पहली बार उच्च सदन के लिए चुने गए हैं.

हिमाचल प्रदेश से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा निर्विरोध चुन लिए गए हैं. उनके खिलाफ कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था. उत्तराखंड से भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं.

महाराष्ट्र में भाजपा नेता विजया रहाटकर के नाम वापस लेने के बाद चुनाव की स्थिति पैदा नहीं हुई. यहां भाजपा से केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे, वी. मुरलीधरन के साथ ही कांग्रेस से वरिष्ठ पत्रकार कुमार केतकर, शिवसेना के अनिल देसाई और एनसीपी की वंदना चव्हाण को निर्वाचित घोषित किया गया.

गुजरात में भाजपा के कीरतसिंह राणा और कांग्रेस समर्थित पीके वालेरा के नाम वापस लेने के बाद चारों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए.इनमें भाजपा से केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला और मनसुख मांडविया तथा कांग्रेस से नारण राठवा और अमी याग्ज्ञिक शामिल हैं.

भाजपा ने राठवा के नामांकन पत्र को लेकर आपत्ति जताई थी लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने इसे खारिज कर दिया था.इसके बाद भाजपा ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया लेकिन उसने भी तत्काल दखल देने से इनकार कर दिया.

मध्य प्रदेश में भी राज्यसभा चुनाव की नौबत नहीं आई.यहां भाजपा से केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत और धर्मेंद्र प्रधान, कैलाश सोनी व अजय प्रताप सिंह तथा कांग्रेस से राजमणि पटेल चुने गए.

राजस्थान से भाजपा के भूपेंद्र यादव, किरोड़ी लाल मीणा व पूर्व विधायक मदन लाल सैनी निर्वाचित हुए.किरोड़ी लाल मीणा इसी रविवार को पार्टी में शामिल हुए थे.

ओडिशा की तीन राज्यसभा सीटों पर बीजद के उम्मीदवार प्रशांत नंदा, सौम्य रंजन पटनायक और अच्युत सामंत, जबकि आंध्र प्रदेश में तेलुगुदेशम पार्टी के सीएम रमेश, केएम रवींद्र कुमार और वाईएसआर कांग्रेस के वी. प्रभाकर रेड्डी निर्विरोध चुने गए.