गणतंत्र दिवस से पहले हो सकती है BSF-PAK रेंजर्स की मीटिंग

भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ता तनाव बढ़ता ही जा रहा है. शनिवार को पाकिस्तान की ओर से लगातार तीसरे दिन संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे तीन जिलों में गोलियां चलाई गईं, जिसमें एक जवान समेत कई लोग घायल हो गए.

बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे हुए गांवों को निशाना बनाते हुए शुक्रवार पूरी रात गोलाबारी की और गोलियां दागी.

अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान जान-माल को नुकसान पहुंचाने के लिए गांव को निशाना बना रहा है, लेकिन बीएसएफ उसे मुंहतोड़ जवाब दे रही है. सीमा से लगे इलाकों में रहने वाले करीब 9 हजार लोग सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं.

वएक हजार से ज्यादा लोग आरएस पुरा, सांबा और कठुआ क्षेत्रों में बने शिविरों में रह रहे हैं. भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए अधिकारियों ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा और जम्मू में नियंत्रण रेखा से लगे हुए इलाकों में अगले तीन दिनों के लिए शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया है.

पाकिस्तान की ओर से जारी नापाक फायरिंग के बीच तनाव कम करने के मकसद से भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और PAK रेंजर्स की 22 जनवरी को मुलाकात तय की गई है. पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है और दोनों देशों के बीच माहौल सुधारने के लिए BSF और PAK रेंजर्स सेक्टर कमांडर स्तर की मुलाकात करने के लिए राजी हुए हैं. जम्मू के सेक्टर कमांडर और सियालकोट के सेक्टर कमांडर के बीच ये मीटिंग ऑक्ट्रॉय में होनी है.

पाकिस्तान इस बैठक में हिस्सा लेगा या नहीं, इस पर संदेह की स्थिति बनी हुई है क्योंकि 18 जनवरी को भी ऐसी ही एक बैठक होनी थी, जिस पर पाकिस्तान ने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद मीटिंग के लिए 22 जनवरी का दिन तय किया गया. BSF का कहना है कि सुरक्षाबलों ने सीमा पर हालात सुधारने की कोशिश की है, लेकिन पाकिस्तान इस सिलसिले में टाल-मटोल कर रहा है.