गुरुवार देर रात वक्फ संशोधन विधेयक 2024 राज्यसभा में भी पास हो गया. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को सदन में पेश किया. करीब 12 घंटे से अधिक चली चर्चा के बाद इस पर वोटिंग हुई. बिल के समर्थन में 128 वोट पड़े. वहीं विरोध में 95 सदस्यों ने मतदान किया. इस तरह से बिल राज्यसभा में पास हो गया. इससे पहले विधेयक बुधवार (2 अप्रैल) को लोकसभा से पास हो गया था. यहां पर भी करीब 12 घंटे की चर्चा के बाद इस पर वोटिंग हुई. बिल के समर्थन में 288 वोट पड़े थे. वहीं विरोध में 232 सदस्यों ने मतदान किया था.
राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा पूरी होने के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘आप 70 साल से सत्ता में थे. आप जो काम नहीं कर पाए, वह मोदी जी को करना पड़ रहा है. दिनभर इतने वरिष्ठ लोग अपना ही पर्दाफाश कर रहे थे. सोच रहा था कि बाहर बोलूंगा. वक्फ प्रॉपर्टी में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है. कोई कर भी नहीं सकता. गैर मुस्लिम किसी धार्मिक बॉडी में सदस्य नहीं बनेगा. वक्फ बोर्ड एक स्टैचुएटरी बॉडी होती है.’ किरेन रिजिजू ने कहा,’आप चाहते हैं कि वक्फ बोर्ड में बस मुस्लिम ही बैठे. हिंदू या किसी दूसरे धर्म के लोगों के साथ कोई विवाद होगा तो कैसे तय होगा. इस तरह की बॉडी सेक्यूलर होना चाहिए. इसमें चार लोग हैं तो वह निर्णय कैसे बदल सकते हैं. वह तो बस अपने एक्सपर्टाइज का उपयोग कर सकता है. आपको कभी भी ये नहीं भूलना चाहिए कि अगर आप एक बार वक्फ डिक्लेयर कर देते हैं तो उसका स्टेटस नहीं बदल सकते.’
वक्फ बिल पर क्यों है विवाद?
आपको बता दें कि केंद्र सरकार वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के बल पर वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और उसके प्रशासन में सुधार करना चाहती है. यह बिल वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन करता है. इस बिल में वक्फ की परिभाषा को अपडेट करना, पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार के साथ तकनीक का उपयोग बढ़ाना शामिल है. लेकिन इसे लेकर विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा था. विपक्ष का कहना था कि यह बिल असंवैधानिक है. मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को कमजोर करता है.