माघ मास में होती है भगवान की विशेष कृपा, जानिए माघ मास के आने वाले पर्व

हिन्दू धर्म में माघ मास का विशेष महत्त्व है. माघ मास को भगवान की कृपा प्राप्ति का भी माह माना गया है. इस वर्ष माघ मास में अर्ध कुम्भ का भी विशेष योग है. माघ मास की ऐसी विशेषता है कि इसमें जहां कहीं भी जल हो, वह गंगाजल के समान होता है इस मास की प्रत्येक तिथि पर्व है इस मास में स्नान, दान, उपवास और भगवत पूजा अत्यन्त फलदायी होती है.

1. माघ कृष्ण एकादशी  31 जनवरी 2019 (षष्ठतिला एकादशी)-: शास्त्रों में षष्ठतिला एकादशी का विशेष महत्व है. इस दिन काले तिल को जल में मिलाकर स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन सबसे खास महत्व किसी पवित्र नदी में स्नान करने का है साथ ही इस दिन दान का भी अधिक महत्व है. इस दिन गरीबों को दान करने से दरिद्रता का नाश होता है.षष्ठतिला एकादशी पर तिलों का उपयोग 6 प्रकार से किया जाता है. तिल के जल से स्नान, तिल का उबटन, तिल से हवन, तिल मिले हुए जल का पान, तिल का भोजन और तिल का दान. इस दिन काले तिल तथा काली गाय के दान का भी बड़ा महत्व है यह 6 कर्म पाप का नाश करने वाले होते है.

2. मौनी अमावस्या- 04 फरवरी 2019- :  माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या ’’मौनी अमावस्या के रूप में प्रसिद्ध है’’ इस पवित्र तिथि में मौन रहकर अथवा मुनियों के समान आचरण पूर्वक स्नान – दान करने का विशेष महत्व है. इस दिन सोमवार को श्रवण नक्षत्र में बनने वाले सिद्धियोग में सर्वाथ सिद्ध योग प्रातः 07ः08 बजे से अगले दिन प्रातः 06ः01 बजे तक, सिद्ध योग एवं अमृत योग प्रातः 07ः08 बजे से रात्रि 02ः33 बजे तक का भी संयोग रहेगा. मौनी अमावस्या का पर्व 100 सूर्यग्रहण के समान माना जाता है अर्घाद्य योग में कुछ कमी रहने से महादेव पर (महोदय योग) होता है इस दिन महोदय योग प्रातः07ः58 बजे के बाद से है.

3. उमा चतुर्थी – 09 फरवरी 2019-: माघ शुक्ल चतुर्थी ’’उमा चतुर्थी’’ कही जाती है क्योकि इस दिन पुरूषों और विशेष रूप से स्त्रियों द्वारा सफेद रंग के फूलों तथा कुछ अन्य फूलों से देवी उमा का पूजन किया जाता है. पूजन के साथ ही उनको गुण, लवण तथा जौ भी समर्पित किये जाते है. व्रती को सधवा महिलाओं, ब्राह्मणों तथा गौओं का सम्मान करना चाहिए. इस दिन उत्तरा भाद्र पद नक्षत्र के सिद्धयोग में बनने वाला सिद्ध योग प्रातः 07ः05 बजे से दोपहर 12ः26 बजे तक विशेष रहेगा.

4. बसंत पंचमी – 10 फरवरी 2019-:  इस दिन ही विद्या एवं बुद्धि की देवी सरस्वती जी की पूजा होती है इस दिन पवित्र जल से स्नान करने के बाद माता सरस्वती को केसरियां चावल का घोल लगाने के विशेष फल मिलता है. इस दिन पंचमी तिथि के साथ अमृत योग प्रातः 07ः04 बजे से दोपहर 02ः09 बजे तक एवं सर्वाथ सिद्ध योग का भी शुभ समय रहेगा.

5. अचला सप्तमी – 12 फरवरी 2019-: अचला सप्तमी को माघ शुक्ल सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है इस सप्तमी को व्रती अपने व्रत का अनुष्ठान करते हैं. इसमें सूर्योदय से पूर्व मनुष्य को अपने सिर पर 7 बरगद वृक्ष के पत्ते और 7 आर्क के वृक्ष के पत्ते रखकर किसी नदी अथवा गंगा जी में स्नान करना चाहिए उसके बाद जल में 7 बरगद के फल 7 आर्क के पत्ते, चावल, तिल, दूर्बा में चन्दन मिलाकर सूर्यो को अध्र्य देना चाहिए उसके बाद सप्तमी को देवी मानते हुए प्रणाम करना चाहिए ऐसा माना जाता है कि इस दिन को स्नान – दान और पितरों का तर्पण करने से वैकुण्ठ की प्राप्ति होती है. ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन वृत करने से साल भर किये गये रविवार के व्रत के बराबर फल मिलता है.

6. जया एकादशी – 16 फरवरी 2019-:  इस दिन को भीष्म एकादशी भी कहा जाता है इस दिन सूर्यास्त के समय तुलसी के पास दीपक जलाने से विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस दिन प्रीति योग में अमृत योग का प्रातः 06ः59 बजे से पूर्वान्ह 11ः02 बजे तक अमृत योग के साथ त्रिपुष्कर योग का भी विशेष सहयोग रहेगा.

7. माघ कृष्ण द्वादशी – 17 फरवरी 2019-: इस दिन माघ कृष्ण द्वादशी के साथ प्रदोष व्रत (शुक्ल) का भी विशेष सहयोग रहेगा इस दिन आयुषमान योग में सर्वाथ सिद्ध योग, सिद्ध योग, त्रिपुष्कर योग के साथ विशेष रूप से रवि पुष्प योग का भी होना शुभ रहेगा. इस दिन यम ने तिलों का निर्माण किया और दशरथ ने उन्हे पृथ्वी पर लाकर खेतों पर बोया तभी से देवताओं ने भगवान विष्णु को तिलों का स्वामी बनाया इस दिन तिल के दान का विशेष महत्व है.

8. पूर्णिमा – 19 फरवरी 2019 (होली का रोपण)-: इस दिन माघ स्नान समाप्त होगा इस दिन गंगा जी में स्नान करने के बाद गरीबों को दान करने से अत्यन्त शुभ फल की प्राप्ति होती है.

साभार -पत्रिका