जेएनयू देशद्रोह मामला : कन्हैया समेत 10 लोगों के खिलाफ 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, मंगलवार को होगा विचार

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में तीन साल पहले छात्रों द्वारा की गई नारेबाजी की जांच पूरी हो गयी है. सोमवार को दिल्ली पुलिस इस मामले में जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य सहित 10 लोगों के खिलाफ देशद्रोह के मामले में 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है.

पुलिस ने सहित भारतीय दंड संहिता (IPC) 124A 323, 465, 471,143, 149, 147, 120B सहित अन्य धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है. चार्जशीट में नामजद कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य, आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रईस रसूल, बशरत अली, और खलिद बशीर भट का नाम हैं.

देशद्रोह मामले में पुलिस की चार्जशीट पर दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत मंगलवार को विचार करेगी. बता दें कि चार्जशीट दाखिल करने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अभियोग से जरूरी अनुमति ले ली गई.

जांच के दौरान मिली जनकारी के अनुसार कन्हैया कुमार ने लगभग तीन साल पहले यानी 9 फरवरी 2016 उन प्रदर्शनकारियों की अगुवाई की थी जिसमें देश विरोधी नारे लगाए गए थे.

जांच के मुताबिक, कन्हैया ने 9 फरवरी 2016 की शाम प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व था. और जिसमें देश विरोधी नारे लगाए गए थे. पुलिस ने पाया कि जेएनयू कैंपस में ऐसी किसी भी गतिविधि के लिए ली जाने वाली अनुमति की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई थी. इन प्रदर्शनकारियों को रोका गया और उन्हें बताया गया कि ऐसे किसी भी कार्यक्रम को करने के लिए उनके पास अनुमति नहीं है.

चार्जशीट में कहा गया है, ‘ऐसा होने पर कन्हैया कुमार आगे आए और सुरक्षा अधिकारी के साथ बहस करने लगे और इसके बाद भीड़ में मौजूद लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी.’