टीईएसएस ने खोजा धरती से तीन गुना बड़ा ग्रह

नासा के सैटेलाइट ने धरती से तीन गुना बड़ा ग्रह खोजा निकला है. जिसमें वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (टीईएसएस) ने सौरमंडल के बाहर एक नए ग्रह की खोज की है. टीईएसएस द्वारा खोजा गया यह तीसरा ग्रह है. नासा के ट्रांसिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) ने अपने पहले तीन महीनों के अवलोकन में हमारे सौर मंडल से परे तीन पुष्ट एक्सोप्लैनेट या दुनिया को पाया है.

मिशन के संवेदनशील कैमरों ने 100 अल्पकालिक परिवर्तनों को भी कैप्चर किया है – उनमें से अधिकांश आकाश के समान क्षेत्र में फैलने की संभावना है. इनमें छह सुपरनोवा विस्फोट शामिल हैं जिनकी चमकती रोशनी टीईएस द्वारा दर्ज की गई थी, इससे पहले कि ग्राउंड-आधारित दूरबीनों द्वारा विस्फोट की खोज की गई थी.

यह तीसरा ग्रह है, जिसकी खोज नासा के टीईएसएस ने की है. नासा ने इसे पिछले साल अप्रैल में लांच किया था. अगस्त में इसने पहली तस्वीर भेजी थी. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दो साल के अभियान के दौरान यह करीब 20 हजार बाहरी ग्रहों की खोज करेगा. इसके लांच होने से पहले केवल 3,800 एक्सोप्लैनेट का पता चल पाया था.

यह ग्रह पृथ्वी से 53 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है. इस ग्रह को एचडी 21749बी नाम दिया गया है. यह रेटीकुलम तारामंडल के सूर्य के समान चमकीले ड्वार्फ (बौने) तारे का चक्कर लगा रहा है. तारे से नजदीक होने के बाद भी इस ग्रह की सतह का तापमान 300 डिग्री फेरनहाइट ही है. वैज्ञानिकों का कहना है कि पानी के कारण इसका वायुमंडल घना है और इस पर जीवन की संभावना भी हो सकती है.

एचडी 21749बी को अपने तारे की परिक्रमा पूरी करने में 36 दिन लगते हैं. इस ग्रह की खोज से जुड़ीं मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की डायना ड्रैगोमिर का कहना है कि इतने गर्म तारे की परिक्रमा कर रहा एचडी 21749बी अब तक का सबसे ठंडा ग्रह है. नासा का टीईएसएस मिशन तीन महीने में 3 ग्रह और 6 सुपरनोवा की खोज कर चुका है. एचडी 21749बी इसकी ताजा खोज है.