प्रधानमंत्री मोदी इस्तीफा दें : माकपा

मंगलवार को मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट  का सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को फिर से बहाल करने का फैसला, मोदी सरकार पर एक मजबूत अभियोग है. माकपा ने कहा कि ऐसे में प्रधानमंत्री को पद छोड़ देना चाहिए. माकपा ने एक बयान में कहा कि शीर्ष अदालत का फैसला दिखाता है कि मोदी ने कैसे अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए सीबीआई जैसे संस्थान के कामकाज के मानक व हरेक नियम को तोड़ा है.

माकपा ने कहा, अदालत का निर्णय मोदी सरकार पर एक मजबूत अभियोग है और खास तौर से प्रधानमंत्री पर खुद. ऐसा इसलिए, क्योंकि कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग, जिसके तहत सीबीआई काम करती है, उसका प्रभार उनके (मोदी) पास है. माकपा ने कहा है, अगर प्रधानमंत्री के पास जमीर है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. यह एक और वजह है, जिसके कारण आगामी चुनाव में जनता उन्हें व उनकी सरकार को सत्ता से बाहर करे.

सुप्रीमकोर्ट  के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के तौर पर फिर से बहाल कर दिया है. शीर्ष अदालत ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) व केंद्र के उस फैसले को दरकिनार कर दिया, जिसके जरिए आलोक वर्मा को उनके अधिकारों से वंचित कर दिया गया था.