जानिए प्रकृति की अनमोल देन शहद के फायदे…

मधुमक्खियों को शहद की थोड़ी मात्रा का उत्पादन करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है. एक पौंड शहद के उत्पादन के लिए, मधुमक्खियों के समूह को लगभग दो मिलियन फूलों से मधु इकट्ठा करना होता है और इसके लिए कम से कम 55,000 मील की दूरी पर उड़ना पड़ता है.

कुल मिलाकर, एक मधुमक्खी का समूह एक वर्ष में लगभग 100 पाउंड शहद का उत्पादन कर सकता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, शहद बनाने के दौरान मधुमक्खी बिलकुल भी आराम नहीं करती है और न ही सोती है. वे नृत्य करके और फेरोमोन नामक पदार्थ उत्त्पन्न करके एक दूसरे से संवाद करती हैं.

कीड़ो द्वारा बनाया गया एकमात्र भोजन शहद ही है जिसका उपयोग मनुष्यों द्वारा किया जाता है. ऐसा कहा जाता है कि शहद कभी भी खराब नहीं होता है. क्योंकि शहद का रासायनिक यौगिक ऐसा होता है जो इसे बैक्टीरिया के प्रभाव से बचाएं रखता है. शहद ग्लूकोज़, फलशर्करा (fructose) और खनिजों जैसे लोहा, कैल्शियम, फॉस्फेट, सोडियम, क्लोरीन, पोटेशियम, मैग्नीशियम से परिपूर्ण होता है. यह विटामिन बी 1, बी 2, बी 3, बी 5 और बी -6 में भी काफी समृद्ध है. इसके साथ ही शहद में एंटीसेप्टिक (रोगाणु रोधक), एंटीबायोटिक (प्रतिजीवाणु) और अन्य औषधीय गुण भी होते हैं. जिनके कारण यह स्वास्थ सम्बन्धी कई समस्याओं के इलाज़ में लाभकारी है.

शहद के फायदे
शहद के फायदों को देखते हुए ही आयुर्वेद में इसे अमृत समान माना गया है. छोटे बच्चों से लेकर वयस्कों तक शहद सभी के लिए उतनी ही फायदेमंद है. नियमित रुप से शहद खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे कई तरह की संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है. आइये शहद के प्रमुख फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं.

1.खांसी से आराम-: अगर आपकी खांसी कई दिनों से ठीक नहीं हो रही है तो आप शहद का इस्तेमाल करें. यह खांसी से आराम दिलाने की असरदार घरेलू दवा है. शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण संक्रमण को और बढ़ने से रोकते हैं साथ ही यह कफ को पतला करती है जिससे कफ आसानी से बाहर निकल जाता है. खासतौर पर जो लोग सूखी खांसी से परेशान रहते हैं उन्हें शहद से जल्दी आराम मिलता है.

सेवन विधि : खांसी से आराम पाने के लिए आप दो तरीकों से शहद का सेवन कर सकते हैं.

पहला तरीका : रात में सोने से पहले हल्के गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर उसे पियें. यह बलगम को पतला करने के साथ साथ खांसी से जल्दी आराम दिलाती है.

दूसरा तरीका : अदरक और शहद से तैयार पेय भी खांसी से आराम दिलाने में कारगर है

2. कटने या जलने पर-: त्वचा के कटने-छिलने या जल जाने पर भी शहद का उपयोग करना बहुत लाभकारी है. शहद में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण जले हुए हिस्से को जल्दी ठीक करते हैं और त्वचा को संक्रमण से भी बचाते हैं.

उपयोग विधि : अगर आपकी त्वचा में हल्की खरोंच आ गयी है या कोई हिस्सा मामूली रूप से जल गया है तो उस हिस्से पर शहद लगाएं. यह जलन को कम करती है और उस हिस्से में संक्रमण को रोकती है.

3. वजन कम करने में सहायक-: अगर आप बढ़ते वजन या मोटापे से परेशान हैं तो शहद के सेवन से आप अपना वजन कम कर सकते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शहद में वसा बिल्कुल भी नहीं होता है. यह वजन को नियंत्रित रखने के साथ साथ शरीर के कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम करती है. इसलिए नियमित रूप से शहद का सेवन करें.

सेवन विधि : रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास हल्के गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर उसका सेवन करें. इसे पीने के आधे से एक घंटे तक कुछ भी ना खाएं. आप इस मिश्रण में आधे नींबू का रस भी मिला सकते हैं.

4. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक-: शहद में ज़रुरी एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा काफी ज्यादा होती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट दिल के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं और दिल से जुड़ी कई तरह की बीमारियों से बचाव करते हैं. इसके अलावा शहद का मुख्य काम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है. इम्युनिटी पॉवर मजबूत होने से कई तरह की संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है.

सेवन विधि : शरीर की इम्युनिटी क्षमता बढ़ाने के लिए रोजाना एक से दो चम्मच शहद को हल्के गुनगुने दूध में मिलाकर पियें. दूध में शहद डालकर पीने से यह और ज्यादा गुणकारी हो जाता है.

5.घाव भरने में मदद-: शहद में मौजूद तत्वों फ्लेवोनॉयड, फेनोलिक एसिड और लैसोजाइम में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सूजन को रोकते हैं और क्षतिग्रस्त ऊतकों और कोशिकाओं की मरम्मत करते हैं. इन्हीं गुणों की वजह से यह घाव को जल्दी ठीक करने में मदद करती है.

उपयोग विधि : घाव वाली जगह पर सीधे शहद लगाएं और अगर घाव में जलन भी हो रही है तो शहद में गुलाबजल मिलाकर सीधे प्रभावित हिस्से पर लगाएं.

6.गले की खराश-: यह खांसी और सर्दी-जुकाम से तो आराम दिलाती ही है साथ ही अगर आपका गला बैठ गया है या गले में खराश है तो भी आप शहद का सेवन करके आराम पा सकते हैं.

सेवन विधि : गले की खराश से जल्दी आराम पाने के लिए एक चम्मच अदरक के रस में एक से दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार इसका सेवन करें.

7.कब्ज़ से राहत-: अगर आप कब्ज़ के मरीज हैं तो समझ लें कि आप कई अन्य बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं. पेट से जुड़ी कई समस्याओं की मूल जड़ कब्ज़ ही है. शहद शरीर में फ्रक्टोज के अवशोषण को कम करती है इस वजह से आप इसका उपयोग कब्ज़ को दूर करने में भी कर सकते हैं. कब्ज़ से आराम दिलाने के अलावा यह पेट फूलने और गैस की समस्या से भी आराम दिलाती है.

सेवन विधि : कब्ज़ से आराम पाने के लिए रोजाना रात में सोने से पहले एक गिलास हल्के गुनगुने दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर उसका सेवन करें.

8. शहद के फायदे त्वचा के लिए-: शहद सिर्फ पाचन और इम्युनिटी बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह त्वचा में निखार लाने में भी मदद करती है. शहद में ऐसे गुण होते हैं जो आस पास की नमी को सोख लेती है और त्वचा की नमी को बरकरार रखने में मदद करती है. जिन लोगों की त्वचा बहुत रुखी होती है उन्हें अपनी त्वचा को नम बनाये रखने के लिए शहद का इस्तेमाल करना चाहिए. इस बात का ध्यान रखें कि त्वचा में निखार लाने के लिए इसे खाने की बजाय इसे त्वचा पर लगाया जाता है