परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत ने अपना निवारक गश्त पूरा किया

परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत ने सफलतापूर्वक अपना निवारक गश्त पूरा कर लिया है. इसके साथ ही भारत ने सोमवार को अपना परमाणु त्रिकोण पूरा कर लिया. भारत अब वायु, जमीन और समुद्र तीनों जगहों से परमाणु हमला करने में सक्षम देश बन गया है. स्ट्रेटजिक स्ट्राइक न्यूक्लियर सबमरीन( एसएसबीएन) आईएनएस अरिहंत के चालक दल के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की नई क्षमता ‘उनलोगों को करारा जवाब है, जो परमाणु के जरिए ब्लैकमेल करने में संलिप्त रहते हैं.’

मोदी ने ट्वीट किया, “आज ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि हम परमाणु त्रिकोण के सफलतापूर्वक स्थापित होने पर खुशी मना रहे हैं. भारत का परमाणु त्रिकोण वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ होगा.”

उन्होंने कहा, “आईएनएस अरिहंत की सफलता भारत की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करेगी. यह पूरे देश के लिए बड़ी उपलब्धि है. इस तरह के युग में, एक विश्वसनीय परमाणु निवारक समय की मांग है.”

उन्होंने कहा कि इसके निवारक गश्त के सफलतापूर्वक पूरा हो जाने से ‘उन लोगों को करारा जवाब मिला है, जो परमाणु हथियार की बदौलत ब्लैकमेल करते रहे हैं.’

मोदी ने कहा कि आईएनएस अरिहंत शांति के माहौल में अपना ‘योगदान’ देगा.

मोदी ने कहा, “भारत शांति की भूमि है. घनिष्ठता का मूल्य हमारे संस्कृति में सन्निहित है. शांति हमारी ताकत है, न कि कमजोरी. हमारे परमाणु कार्यक्रम को निश्चित ही भारत के विश्व शांति और स्थिरता के प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए.”

6000 टन वजनी अरिहंत को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल(एटीवी) परियोजना के तहत विशाखापत्तनम में शिप बिल्डिंग सेंटर में बनाया गया था.

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