दिल्ली मे प्रदूषण भरी सुबह, और भी खराब होगी हवा

राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार सुबह प्रदूषण भरी रही. यहां का न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पूरे क्षेत्र में वायु प्रदूषण रातोंरात ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया. दिल्ली में सुबह 9 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 392 रही. यदि यह 400 से अधिक होगी तो इसे ‘गंभीर’ माना जाएगा.

मौसम विभाग ने बताया कि अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “सुबह धुंध रहेगी.”

सुबह 8.30 बजे आद्र्रता का स्तर 94 फीसदी दर्ज हुआ. वहीं, बुधवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

दो नवंबर से हवा की गति कम होने के कारण अगले दस दिनों तक दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर में इजाफा होगा. इसके मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कार्यरत पर्यावरण प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने सभी संबद्ध एजेंसियों को इस दिशा में एहतियाती उपाय करने को कहा है.

साथ ही, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने एनसीआर से संबद्ध राज्य सरकारों की पर्यावरण नियंत्रण एजेंसियों से प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है.

सफर की रिपोर्ट में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के हवाले से मौजूदा स्थिति की गंभीरता के प्रति आगाह करते हुए कहा गया है कि उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ से जनित नमी और पूर्वी क्षेत्र में चक्रवातीय प्रणाली के सक्रिय होने से हवा की गति थमेगी. रिपोर्ट के अनुसार, हवा का रुख उत्तर-पश्चिम की ओर होने से भी पंजाब और हरियाणा में पराली जलने से उठने वाले धुएं का रुख दिल्ली की तरफ होगा. इससे एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण में बढ़ोत्तरी का संकट गहरा जाएगा.

सफर ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की तस्वीरों के हवाले से पंजाब और हरियाणा में पराली जलने की घटनाओं में बढ़ोत्तरी की तरफ भी ध्यान दिलाया है. इसके मद्देनजर दो या तीन नवंबर से दस नवंबर तक वायु प्रदूषण की स्थिति नाजुक बनी रहेगी. दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता का मौजूदा स्तर ‘बहुत खराब’ बना हुआ है.