तिरुवनंतपुरम वनडे : टीम इंडिया से ‘बराबरी की लड़ाई’ चाहेगा विंडीज

टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज अब एक रोचक मुकाम पर पहुंच गई है. चार मैचों के बाद हालांकि टीम इंडिया 2-1 से आगे है, लेकिन गुरुवार को होने वाला पांचवे और अंतिम वनडे मैच में अगर वेस्टइंडीज के नाम रहता है तो सीरीज का नतीजा ड्रॉ रहेगा. इस लिहाज से वेस्टइंडीज पूरी कोशिश में होगी कि ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाने वाला यह मैच उसके नाम रहे और वह हारने वाली टीम न कहलाए.

टीम इंडिया ने पहला मैच अपने नाम किया था तो वहीं वेस्टइंडीज ने दूसरा मैच टाई करा दिया और फिर तीसरे मैच में जीत हासिल करते हुए सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली थी. चौथे मैच में हालांकि टीम इंडिया ने एकतरफा जीत हासिल करते हुए बढ़त ले ली थी.

पांचवें मैच में मेजबान टीम सुस्ताते हुए नहीं जाना चाहेगी क्योंकि विंडीज ने दूसरे और तीसरे मैच में जिस तरह की क्रिकेट खेली है उससे टीम इंडिया के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं. घर में टीम इंडिया ने बीते कम से कम दो वर्षो में इस तरह की रोचक सीरीज शायद ही खेली हो.

विंडीज ने खेल के इस प्रारुप में टीम इंडिया को पटखनी देने का पूरा माद्दा है और इस बात को उसने साबित किया है इसलिए वह पांचवें मैच में आत्मविश्वास के साथ ही उतरेगी. वेस्टइंडीज अगर टीम इंडिया को इस मैच में हरा देती है तो वह अक्टूबर-2016 से टीम इंडिया को घर में वनडे सीरीज में दो हार सौंपने वाली पहली टीम बन जाएगी.

टीम इंडिया को हराना आसान नहीं होगा क्योंकि अभी तक सभी मैचों में उसकी बल्लेबाजी शानदार रही है. गेंदबाजी में शुरुआती तीन मैचों में उसे निराशा मिली थी, लेकिन चौथे मैच में गेंदबाजों ने दमदार खेल दिखाया था.

रोहित ने पिछले मैच में बेहतरीन शतकीय पारी खेली थी तो वहीं अंबाती रायडू ने चौथे नंबर पर टीम को संभाला था और अपने वनडे करियर का तीसरा शतक भी जमाया था. इन दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई दोहरी शतकीय साझेदारी के दम पर ही टीम ने विशाल स्कोर खड़ा किया था जिसके सामने विंडीज ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी.

कोहली पहले तीन मैचों में शतक ठोक चुके हैं. इस समय उनका बल्ला शानदार चल रहा है और इसलिए विंडीज के लिए वह सबसे बड़ा खतरा हैं. शिखर धवन का बल्ला हालांकि ज्यादा कुछ कर नहीं सका है.

टीम इंडिया की बीते एक साल में सबसे बड़ी चिंता मध्यक्रम और निचले क्रम की विफलता ही रही है. पिछले मैच में शतक लगाने वाले रायडू बीते एक साल में टीम इंडिया के लिए शीर्ष-3 पर खेलने वाले बल्लेबाजों के अलावा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज थे. ऐसे में अगर एक बार फिर शीर्ष-3 विफल रहते हैं तो अन्य बल्लेबाजों के ऊपर भार होगा.

महेंद्र सिंह धोनी का बल्ला शांत है. वहीं केदार जाधव लगातार चोटों से जूझ रहे हैं. वह हालांकि पिछले मैच में खेले थे, लेकिन किस हद तक वह टीम को संभाल पाते हैं यह देखना होगा.

गेंदबाजी में खलील अहमद ने पिछले मैच में तीन विकेट लेकर काफी प्रभावित किया था. उनके साथ भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जड़ेजा तथा कुलदीप यादव ने अच्छा साथ दिया. टीम में दोनों विभागों में अच्छा किया था इस लिहाज से अंतिम एकादश में बदलाव हो ऐसी संभावनाएं कम ही हैं.

वहीं वेस्टइंडीज की बात की जाए तो बल्लेबाजी में उसकी उम्मीदें शाई होप और शिमरोन हेटमायेर से हैं. इन दोनों बल्लेबाजों के दम पर ही मेहमान टीम दूसरा मैच टाई और तीसरा मैच जीतने में सफल रही थी. एक बार फिर कप्तान जेसन होल्डर इन दोनों पर निर्भर होंगे.

टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी की टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज मार्लन सैमुएल्स का बल्ला भी बोले.

गेंदबाजी में टीम केमरन रोच और कीमो पॉल के दम पर है, लेकिन एशले नर्स टीम इंडिया के लिए सिर दर्द साबित हो सकते हैं. वहीं कप्तान होल्डर के जिम्मे भी बड़ी जिम्मेदारी है.

टीमें :

टीम इंडिया : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप-कप्तान), शिखर धवन, अंबाती रायडू, ऋषभ पंत, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, खलील अहमद, उमेश यादव, लोकेश राहुल और मनीष पांडे

वेस्टइंडीज : जेसन होल्डर (कप्तान), फाबियान एलेन, सुनील ऐंब्रिस, देवेंद्र बिशू, चंद्रपाल हेमराज, शिमरोन हेटमायेर, शाई होप (विकेटकीपर), अल्जारी जोसेफ, इविन लुइस, एश्ले नर्स, कीमो पॉल, रोवमैन पोवेल, केमर रोच, मार्लन सैमुएल्स, ओशाने थॉमस.