राहुल ने पनामा मामले में शिवराज के बेटे का नाम लेने पर गलती मानी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पनामा पेपर लीक मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे पर आरोप लगाने के कारण बैकफुट पर आना पड़ा है. राहुल ने कहा कि भाजपा सरकारों के इतने स्कैम हैं कि वह कन्फ्यूज हो गए थे.

वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से राजधानी की अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है. इंदौर में पत्रकारों से अनौपचारिक मुलाकात के दौरान राहुल से जब प्रदेश सरकार पर हमला न किए जाने का सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “कल उन्होंने पनामा पेपर लीक मामले में शिवराज सिंह चौहान के बेटे पर आरोप लगाया था, वास्तव में पनामा मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के बेटे का नाम है, भाजपा की राज्य सरकारों ने इतने स्कैम किए हैं कि मैं कन्फ्यूज हो गया, पनामा में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के बेटे का नाम नहीं है. मगर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के काल में व्यापम और ई-टेंडरिंग घोटाला हुआ है.”

कार्तिकेय की ओर से अधिवक्ता शिरीष श्रीवास्तव ने मंगलवार को विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह की अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया. श्रीवास्तव ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि कार्तिकेय की ओर से न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है, क्योंकि राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे की छवि को धूमिल करने की कोशिश की है. उनका यह आरोप योजनाबद्ध है. राहुल गांधी इस तरह के आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं.

श्रीवास्तव ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने झाबुआ में एक जनसभा के दौरान पनामा पेपर्स लीक मामले में शिवराज के बेटे कार्तिकेय का नाम होने का आरोप लगाया था. शिवराज और उनके बेटे का किसी भी तरह के लीक्स से कोई लेनादेना नहीं है, यह पूरी तरह राजनीतिक और छवि धूमिल करने वाला बयान है, इसलिए कार्तिकेय की ओर से मानहानि का परिवाद न्यायालय में दायर किया गया है. परिवाद के साथ अखबारों की कतरनें और वीडियो संलग्न किया गया है.

राहुल गांधी ने सोमवार को एक जनसभा में कहा था, “पनामा पेपर्स लीक में शिवराज के बेटे का नाम है. इस मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पद चला गया, मगर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के बेटे का नाम होने पर भी कुछ नहीं हुआ.”

इस आरोप पर शिवराज ने मंगलवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, “राहुल गांधी कोई छोटे या गलीछाप नेता नहीं हैं, लिहाजा उन्होंने जो आरोप लगाया है, वह बिना सोचे समझे नहीं लगाया गया होगा.”