पत्थरबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए : जनरल रावत

कश्मीर में पत्थरबाजी में एक सैनिक की मौत होने के अगले दिन शनिवार को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि पत्थरबाज आतंकवादियों का काम करते हैं और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाना चाहिए. यहां एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सैनिक की मौत के बाद एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.

सिपाही राजेंद्र सिंह (22) गुरुवार को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के काफिले को सुरक्षा देने वाली त्वरित प्रतिक्रिया बल (क्यूआरटी) का अंग थे. काफिला जब अनंतनाग बाईपास से गुजरा तो पत्थरबाजों के एक समूह ने उन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. इसी दौरान सिंह के सिर पर पत्थर लग गया जिससे बाद में उसकी मौत हो गई.

जनरल सिंह ने कहा कि बीआरओ कर्मी वहां सड़क और पुल निर्माण में सहयोग प्रदान करने के लिए हैं और सैनिक काफिले की रक्षा में तैनात था इसलिए यह हमला आतंकवादियों द्वारा नहीं किया गया था.

उन्होंने सवाल किया, “किसने कहा कि पत्थरबाजों को आतंकवादियों के तौर पर नहीं लेना चाहिए? अगर वे पत्थरों से हमारे जवानों की हत्या कर सकते हैं, तो क्या ये आतंकवादी बनाने में शामिल नहीं हैं?”

जनरल रावत ने कहा कि वे पत्थरबाजों को बताना चाहते हैं कि उन्हें पत्थरबाजी से फायदा नहीं होगा और इससे उन्हें नुकसान होगा.

उन्होंने कहा, “हमने प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पत्थरबाजी से हमारे कई सैनिक घायल हो जाते हैं, अब हमारे एक सैनिक की मौत हो गई. मुझे लगता है कि घटना के लिए जिम्मेदार पत्थरबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.”