पीएम मोदी को सियोल शांति पुरस्कार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2018 के सियोल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. यह पुरस्कार कोरियाई लोगों को कोरियाई प्रायद्वीप तथा देश और दुनिया में शांति बनाए रखने की इच्छा का प्रतीक है. विदेश मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी बयान के मुताबिक, “मोदी को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, आर्थिक विकास को गति देकर भारत में लोगों के जीवन स्तर को सुधारने तथा भ्रष्टाचार निरोधक उपायों और सामाजिक एकता के प्रयासों के जरिए देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सियोल शांति पुरस्कार समिति ने इस सम्मान के लिए प्रधानमंत्री का नाम चुना है.”

विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री का चयन 1,300 प्रस्तावकों द्वारा प्रस्तावित दुनिया भर के 100 उम्मीदवारों में से किया गया है. पुरस्कार समिति ने उन्हें इस पुरस्कार का सही उम्मीदवार करार दिया.

बयान में कहा गया है, “समिति ने भारत सहित वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में मोदी के योगदान और गरीब-अमीर के बीच आर्थिक और सामाजिक विषमताओं की खाई पाटने में ‘मोदीनॉमिक्स’ के महत्व को स्वीकार करती है.”

बयान में बताया गया है, “समिति ने विमुद्रीकरण और भ्रष्टाचार निरोधक उपायों के जरिए सरकारी तंत्र को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों की भी सराहना की है.”

बयान में आगे कहा गया, “समिति ने ‘मोदी सिद्धांत’ और ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के माध्यम से दुनिया भर के देशों के साथ एक सक्रिय विदेशी नीति के जरिए क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के प्रति उनके योगदान को भी स्वीकार किया है.”

कोरिया गणराज्य के साथ भारत की मजबूत भागीदारी के परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री ने इस प्रतिष्ठित सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे स्वीकार किया है. आपस में सहमति के अनुसार किसी निर्धारित दिन यह पुरस्कार मोदी को सियोल शांति पुरस्कार फाउंडेशन द्वारा दिया जाएगा.

मोदी यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले 14वें व्यक्ति हैं.

सियोल शांति पुरस्कार की शुरुआत 1990 में कोरिया गणराज्य में 24वें ओलंपिक खेलों के सफल आयोजन के उपलक्ष्य में की गई थी. इन खेलों में दुनिया भर के 160 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लेते हुए सद्भाव, मित्रता, शांति और आपसी मेल-मिलाप के विश्वव्यापी माहौल का निर्माण किया.