राज्य के नए व अज्ञात पर्वतीय गन्तव्यों पर ट्रैकिंग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए : सीएम रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि राज्य के नए व अज्ञात पर्वतीय गन्तव्यों पर ट्रैकिंग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. ट्रेकर्स हर बार नए डेस्टिनेशन पर जाते है तो दुनिया को नए पर्यटक गन्तव्यों की जानकारी मिलती है. साथ ही उस क्षेत्र की विशेषता व कठिनाईयों का भी पता चलता है. उत्तराखण्ड की विविधता व नए पर्यटक गन्तव्य सामने आते हैं. पर्वतीय ट्रैकिंग अभियानों से दुनियाभर के पर्यटकों व ट्रैकर्स की रूचि भी नए पर्यटक स्थलों के प्रति बढ़ती है. इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैकिंग अभियानों को पर्यावरण व हिमालय सरंक्षण, नदियों के पुर्नजीवीकरण, गंगा के स्वच्छता अभियान, पाॅलीथीन मुक्त पर्यावरण, स्वच्छ भारत व वृक्षारोपण से जोड़ा जाए. उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में महिलाओं को पर्वतारोहण से जोड़ने की बात कही. मुख्यमंत्रीत्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से हिमालयन दिग्दर्शन यात्रा सरूताल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. मुख्यमंत्री ने ट्रैकिंग दल को बधाई व शुभकामनाएं दी.

हिमालयन दिग्दर्शन यात्रा सरूताल ट्रैकिंग अभियान 22 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक चलाया जाएगा. उक्त 14 सदस्यीय ट्रैकिंग दल देहरादून से रवाना होकर देवजानी, केदारकाण्ठा, दुंदा, तलहटी, सरूताल, डोबलका, सर, घिंगाड़ी, गंगटाड़ी आदि तक की यात्रा करेगा. सरूताल उत्ताखण्ड के जनपद उत्तरकाशी में लगभग 4200 मी0 की ऊंचाई पर स्थित एक पवित्र झील है. सरूताल ट्रेक पर गंगोत्री, तथा स्वर्गारोहिणी, कालानाग व बन्दरपूंछ की मनोरम चोटियों के दर्शन होते है.