पीएम मोदी ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उद्घाटन किया, स्मारक को सद्भावना प्रतीक बताया

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुलिस स्मारक दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता के बाद से पुलिस जवानों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (एनपीएम) का उद्घाटन किया.

एएनआई के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि आपके जो कर्तव्य हैं, उसे देखकर खुशी का भाव पैदा होता है. आगे कहा कि देश में अनेकता और अशांति फैलाने की साजिशों को नाकाम करने का काम आपने हमेशा किया है. देश के लोग शांति से सोते हैं, तो सिर्फ आपकी वजह से है.

इस दौरान गृह मंत्री राजनाथ सिंह, गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू और वरिष्ठ बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी समेत की वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे. पीएम ने 1959 को लद्दाख में चीनी सैनिकों द्वारा किए गए हमले में मारे गए पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि दी.

उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें राष्ट्र सेवा और समर्पण की अमर गाथा के प्रतीक, इस राष्ट्रीय पुलिस स्मारक को देश को समर्पित करने का अवसर मिला है.

1947 से अभी तक 34,844 पुलिस जवान शहीद हो चुके हैं जिनमें 424 पुलिस जवानों ने इसी वर्ष अपनी शहादत दी है. इनमें से कई बहादुर जवानों ने कश्मीर, पंजाब, असम, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम जैसे विभिन्न क्षेत्रों एवं देश के वाम चरमपंथ क्षेत्रों में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जानें गवाई हैं.

इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में पुलिस के जवान अपराध रोकने एवं कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में शहीद हुए.

एनपीएम ग्रेनाइट के एक टुकड़े से बनी केंद्रीय प्रस्तर प्रतिमा है जो 30 फीट ऊंचा पत्थर का खंभा है, जिसका वजन 238 टन है. इसका वजन और रंग सर्वोच्च बलिदान की गंभीरता का प्रतीक है. सभी 34,844 पुलिस जवानों के नाम शूरता की दीवार पर ग्रेनाइट पर उत्कीर्ण हैं.

राष्ट्र के नाम एक पुलिस संग्रहालय भी समर्पित किया जाएगा. इसमें वे कलाकृतियां एवं समय-बिन्दु शामिल हैं जिन्होंने भारतीय पुलिस के इतिहास को आकार दिया. 1959 में चीनी सैनिकों द्वारा लद्धाख में हॉट स्प्रिंग्स में मारे गये पुलिस जवानों की याद में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मारक दिवस मनाया जाता है.