अमृतसर हादसा : मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच का आदेश दिया

शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि जालंधर मंडल के आयुक्त अमृतसर रेल हादसे की जांच चार सप्ताह में पूरी करेंगे। अमृतसर में शुक्रवार शाम तेज गति से आ रही एक रेलगाड़ी की चपेट में आकर 59 लोगों की मौत हो गई थी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मृतकों में नौ लोगों की पहचान अभी भी नहीं हुई है, जबकि अन्य 57 लोग घायल हुए हैं.

जालंधर-अमृतसर डीजल मल्टीपल यूनिट (डीएमयू) पैसेंजर ट्रेन यहां जोड़ा फाटक पर रेल की पटरी पर खड़े होकर रावण दहन का कार्यक्रम देख रहे लोगों को रौंदते हुए गुजर गई थी. इससे पहले 60 लोगों के मरने की खबर आ रही थी.

दिल्ली से शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचे अमरिंदर सिंह ने कहा कि जांच में सभी पहलुओं पर गौर किया जाएगा. उन्होंने कहा, “यह बेहद दर्दनाक है और हम सबने इसे स्वीकार किया है. जांच में पता चलेगा कि किसकी गलती है और किसकी नहीं. मैं कोई पूर्वानुमान नहीं लगा रहा. जांच की रिपोर्ट आने दें. जांच पूरी होने के लिए मैंने चार सप्ताह का समय दिया है.”

उन्होंने हालांकि कहा कि रेलवे विभाग जांच कर रहा है, लेकिन राज्य सरकार अपनी तरफ से निजी जांच करेगी. अमरिंदर ने कहा, “यह आरोप लगाने का समय नहीं है. दुख के इस समय से सही तरीके से निपटा जाएगा. दुख की इस घड़ी में सभी दलों को साथ आना चाहिए.”

शुक्रवार को धोबीघाट के निकट जोड़ा फाटक पर लगभग 700 लोगों की भीड़ रावण के विशाल पुतले का दहन देख रही थी, तभी अमृतसर से होशियारपुर जा रही जालंधर-अमृतसर डीएमयू पैसेंजर ट्रेन शाम करीब सात बजे पटरी पर खड़े लोगों को रौंदती हुई गुजर गई.

10-15 सेकेंड के बाद ही वहां क्षत-विक्षत शव नजर आने लगे और चीख-पुकार मचने लगी. ज्यादातर लोग तो आतिशबाजी के शोर के कारण ट्रेन की सीटी नहीं सुन सके. दुर्घटना के 16 घंटों बाद घटनास्थल पर आने का कारण पूछने पर उन्होंने कहा, “मैं तेल अवीव जाने वाला था. दौरा रद्द कर मैं नई दिल्ली से अमृतसर आया हूं.”

उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने दौरे के लिए प्रशासन से ज्यादा इंतजाम नहीं चाहते. कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदर और नवजोत सिंह सिद्धू उनके साथ थे.