सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के विरोध में केरल बंद

गुरुवार को सबरीमाला कर्म समिति द्वारा बुलाए गए राज्यव्यापी बंद का व्यापक असर दिखाई दे रहा है. राज्य में सिर्फ इक्का-दुक्का वाहन चलते दिखाई दे रहे हैं. सुबह से लेकर शाम तक के इस बंद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का समर्थन है. यह बंद बुधवार को प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के हमले को लेकर बुलाया गया है.

ये प्रदर्शनकारी 10 से 50 आयुवर्ग की महिलाओं के भगवान अयप्पा मंदिर में प्रवेश को मंजूरी मिलने देने का विरोध कर रहे थे. कोझीकोड, मलप्पुरम व यहां के कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने केरल राज्य सड़क परिवहन निगम के बसों पर पथराव किया, जिसके बाद उनका संचालन रोक दिया गया.

महानवमी के मौके पर सभी राज्य व केंद्र सरकार के कार्यालय, बैंक व शैक्षणिक संस्थान बंद हैं. दुकानें व बाजार भी बंद है. तिरुवनंतपुरम व कोच्चि के आईटी पार्क में भी लोगों की कम मौजूदगी रही. बंद का असर रेल यात्रियों पर पड़ा उन्हें स्टेशनों से टैक्सी व सार्वजनिक वाहनों पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

भगवान अयप्पा का मंदिर बुधवार को शाम पांच बजे मासिक पूजा-अर्चना के लिए खोला गया. सुप्रीमकोर्ट के 28 सितंबर के फैसले के बाद बुधवार को पहली बार मंदिर खोला गया.

सुप्रीमकोर्ट  ने 28 सितंबर के अपने फैसले में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत दी थी.