जानें अष्टमी कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

2018 में अष्टमी तिथि का कन्या पूजन 17 अक्टूबर 2018 को किया जाएगा. नवरात्रि के नौ दिन मां की उपासना करने के बाद बारी आती है कन्या पूजन की यानी मां को विदा करने की. कन्या पूजन अष्टमी के दिन करना है या नवमी के दिन इसका निर्णय कुल के रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाता है.

अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करने वाले लोग भगवती के निमित्त भोजन बनाकर कन्याओँ को आमंत्रित कर उन्हें खिलाते है. कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उन्हें भोजन कराया जाता है. कन्या पूजन शुभ समय पर किया जाएं तो यह अत्यधिक फलदायी होता है. इस अष्टमी कन्या पूजन की खास रिपोर्ट में हम आपको बता रहे है कन्‍या पूजन का शुभ मुहूर्त और कन्या पूजन की विधि-

अष्टमी तिथि 2018 – 17 अक्टूबर 2018
अष्टमी तिथि आरम्भ – 16 अक्टूबर 2018 सुबह 10:16 से

अष्टमी तिथि समाप्त – 17 अक्टूबर 2018 दोपहर 12:49 मिनट तक
कन्‍या पूजन का शुभ मुहूर्त
17 अक्‍टूबर 2018 को कन्‍या पूजन के दो शुभ मुहूर्त हैं-
कन्‍या पूजन – 17 अक्टूबर 2018- सुबह 6 28 से 9 20 तक
कन्‍या पूजन – 17 अक्टूबर 2018- दोपहर 10 46 से 12 12 तक

कन्‍या पूजन कैसे करें
आपके घर में जिस दिन कन्या पूजन होता हो उस दिन सुबह-सवेरे स्‍नान करें.
कन्याओँ को भोजन करवाने के लिए भोजन तैयार करें.
ध्यान रखें भोजन में पूरी, काले चने और हलवा अवश्य रखें क्योकि मां को यह भोग अत्यंत प्रिय है.
स्वच्छ घर में कन्‍या पूजन के लिए 2 से 10 साल तक की नौ कन्‍याओं और एक बालक को आमंत्रित करें. बालक को हनुमान और भैरव के रूप में पूजा जाता है.
कन्याओं के आने पर जल से उनके चरण पैर धोएं
ध्यान रहें कन्‍याओं को आसन पर ही बिठाएं.
कन्‍याओं को रोली, कुमकुम और अक्षत का टीका लगाएं.
उनके हाथों में कलावा बाधें.
सभी कन्‍याओं और बालक की आरती करें.
देवी के निमित्त बना भोजन कन्याओं को खिलाएं.
भोजन के बाद कन्‍याओं को भेंट और उपहार दें.
भोजन के बाद कन्‍याओं के पैर छूकर उनसे आशिर्वाद लें फिर उन्‍हें विदा करें.