गार्ड ने अचानक आवेश में आकर न्यायाधीश की पत्नी, बेटे को मारी थी गोली : पुलिस

गुरुग्राम के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णकांत के सिक्युरिटी गार्ड ने अचानक आवेश में आकर न्यायाधीश की पत्नी और बेटे को गोली मार दी थी. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी. हरियाणा पुलिस के कॉन्सटेबल 32 वर्षीय महिपाल सिंह ने 13 अक्टूबर को अपराह्न् यहां सेक्टर 49 के भीड़भाड़ वाले बाजार में 38 वर्षीय रितु और 18 वर्षीय ध्रुव को गोली मारी थी.

पुलिस उपायुक्त सुमित कुहर और सुलोचना गजराज घटना के बाद पहली बार औपचारिक रूप से मीडिया से मुखातिब हुए. रितु और ध्रुव दोनों बाजार की एक दुकान पर गए थे. जब वे लौटे तो महिपाल सिंह कार के पास नहीं था.

कुहर ने कहा, “उसकी अनुपस्थिति को लेकर गुस्साई रितु ने महिपाल सिंह को फटकार लगाई और ध्रुव को गाड़ी की चाबी सौंपने को कहा. उनके बर्ताव को लेकर गुस्साए गार्ड ने पहले ध्रुव की पिटाई शुरू कर दी. ध्रुव गाड़ी की पिछली सीट पर बैठा था. कुछ मिनट बाद सिंह ने उसे दो गोली मारी.”

अधिकारी ने कहा, “आरोपी ने न्यायाधीश की पत्नी को गोली मारने से पहले उनकी भी पिटाई की थी.” यह पूछने पर कि क्या न्यायाधीश का परिवार गार्ड को तंग करता था? कुहर ने कहा कि हत्यारे ने जांचकर्ताओं से कहा था कि यह एक क्रूर हमला था. न्यायाधीश की पत्नी ने देर रात दम तोड़ दिया था.

पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी दो एप आधारित निजी टैक्सियों के व्यापार में भी शामिल था. आरोपी के चाचा धान सिंह ने आरोप लगाया है कि पुलिस न्यायपालिका के दबाव में है और जल्द से जल्द मामला निपटाना चाहती है. उन्होंने कहा कि उन्हें महिपाल सिंह से मुलाकात करने की इजाजत नहीं दी जा रही है. महिपाल सिंह को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा.