गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमले कांग्रेस की साजिश : सीएम विजय रूपाणी

सोमवार को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी लखनऊ पहुंचे. उन्होंने गुजरात में हुए उत्तर भारतीयों (गैर गुजरातियों) पर हुए हमलों के पीछे कांग्रेस का हाथ होने का आरोप लगाया. रूपाणी ने गुजरात की हिंसा को कांग्रेस के एक विधायक की सुनियोजित साजिश बताया.

कांग्रेस ने गुजरात के मुख्यमंत्री के उत्तर प्रदेश आने का विरोध किया. हवाईअड्डे से लेकर योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास तक रूपाणी को जगह-जगह काले झंडे व काले गुब्बारे दिखाए गए.

मुख्यमंत्री आवास के आसपास भी आसमान में पचासों काले गुब्बारे दिखाई दिए. कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कहा कि गुजरात से उत्तर भारतीयों को भगाना भाजपा की साजिश है. राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देने में नाकाम भाजपा कांग्रेस को बेवजह बदनाम करने और आरोपों से ध्यान भटकाने में लगी है. दक्षिणी दिल्ली के भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी का यह कहना कि अब दिल्ली से भी बिहारियों-यूपीवालों को भगाया जाएगा, भाजपा की साजिश का सबूत है.

वहीं, रूपाणी ने कहा कि गुजरात सरकार ने कांग्रेस की साजिश को विफल कर दिया है. आज परिस्थिति नियंत्रण में है और गुजरातियों के साथ-साथ उत्तर व दक्षिण भारतीय दूध में चीनी की तरह मिलजुल कर रह रहे हैं.

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मुख्यमंत्री योगी और रूपाणी की संयुक्त प्रेसवार्ता में रूपाणी ने कहा कि हिंसा मामले में गुजरात सरकार ने 700 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, इनमें 50 से ज्यादा लोग कांग्रेस कार्यकर्ता निकले.

उन्होंने कहा कि यह हिंसा 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव और स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के लोकार्पण के कार्यक्रम को देखते हुए कांग्रेस के विधायक की सुनियोजित साजिश की थी.

पत्रकारों के यह पूछने पर कि अगर कांग्रेस विधायक जिम्मेदार हैं तो उनके खिलाफ आपने मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराया? जवाब में रूपाणी ने कहा, “अल्पेश ठाकोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कानूनी प्रक्रिया चल रही है.” इसके बाद उन्होंने ने जो कहा, उस पर विश्वास करने के बजाय कई पत्रकार हंसते दिखे. रूपाणी ने कहा, “बिहार कांग्रेस के प्रभारी अल्पेश ही गुजरात में बिहारियों का विरोध कर रहे हैं.”

काले झंड के सवाल पर रूपाणी ने कहा, “वे लोग उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं.”

रूपाणी ने बताया कि गुजरात में सरदार सरोवर डैम के पास बनाई गई सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा (स्टेच्यू ऑफ यूनिटी) का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर करेंगे. उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक एकता, भावनात्मक एकता और राजकीय एकता सरदार पटेल के कारण ही बनी है. उन्होंने ही देश की 562 रियासतों को मिलाकर अखंड भारत बनाने का काम किया था.

उन्होंने बताया कि प्रतिमा के पास ही सरदार पटेल का संग्राहलय बनाया गया है. संग्राहलय के पास एक दीवार बनाई है, जिस पर 6 लाख गांवों से लाई गई मिट्टी पानी की जानकारी मिलेगी. उन्होंने बताया कि प्रतिमा के पास दो हाई स्पीड लिफ्ट लगाई है, एक लिफ्ट प्रतिमा के अंदर चलेगी. इसके अतिरिक्त 350 टेंट की टेंट सिटी और एक 52 कमरों का होटल बनाया गया है. वहां पर आदिवासी कला संस्कृति के प्रदर्शन के साथ आदिवासियों की ओर से बनाए गए उत्पादों की बिक्री का केंद्र भी बनाया गया है.

उन्होंने बताया कि स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का अनावरण समारोह नवंबर तक चलता रहेगा. नवंबर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वेंकैंया नायडू भी आएंगे. नवंबर में विभिन्न राज्य सरकारों के मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल भी सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचेंगे. सरदार पटेल ने ही आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन यह बात भाजपा के कोई नेता नहीं बोल सकते.