राजस्थान में जीका विषाणु से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 50 हुई

राजस्थान के जयपुर जिले में जीका वायरस बढ़ता जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को बताया कि जीका वायरस पॉजिटव मामलों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है.

जयपुर में लोगों के जीका विषाणु से संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद इस विषाणु के प्रसार पर स्वास्थ्य मंत्रालय से एक व्यापक रिपोर्ट मांगी थी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल में कंट्रोल रूम बना दिया है. जीका वायरस मच्छरों के काटने से फैलता है. ये डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले एडीज मच्छरों की प्रजातियां है.

यह एक प्रकार का वायरस है. जो मच्छरों के काटने से फैलता है. ये डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले एडीज मच्छरों की प्रजातियां है. कुछ लोगों में आंखों में जलन, सिरदर्द, हल्के बुखार, त्वचा पर चकत्ते होने, बेचैनी, बदन दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं नजर आती है.

जीका वायरस का संक्रमण गर्भपात और बच्चे में बर्थ डिफेक्टस का खतरा बनता है. यह पीड़ित के तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) पर हमला करता है. गंभीर मामलों में वायरस मौत या लकवे का सबब भी बन सकता है.

जीका वायरस से बचाव के लिए अभी तक कोई वैक्सीन और इलाज नहीं मिल पाया. इसलिए जीका वायरस से बचने का आसान तरीका है. कि मच्छरों से पूरी तरह बचाव किया जाए.