तेल कीमतों में कटौती चुनावी लॉलीपॉप : कांग्रेस

कांग्रेस पार्टी ने रविवार को कहा कि तेल कीमतों में फिर इजाफा होने से मोदी सरकार के पाखंड की पोल खुल गई है. कांग्रेस ने कहा कि तेल पर उत्पाद कर में नाममात्र की कटौती पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में मतदाताओं के लिए चुनावी लॉलीपॉप है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा, “पेट्रोल और डीजल के दाम में हालिया बढ़ोतरी से मोदी सरकार का पाखंड जाहिर हो गया है. इसका एक ही मतलब है कि तथाकथित कटौती पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के लिए चुनावी लॉलीपॉप थी.”

केंद्र सरकार द्वारा गुरुवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा करने के संदर्भ में उन्होंने कहा, “इससे मोदी सरकार का छल-कपट साफ उजागर होता है, जो उत्पाद कर में मामूली कटौती का बेशर्मी से श्रेय ले रही है और तेल कंपनियों को फिर पिछले दरवाजे से दाम बढ़ाने को कह रही है.”

खेड़ा ने कहा, “पिछले दो दिनों में दिल्ली में पेट्रोल का दाम 32 पैसे और डीजल का दाम 58 पैसे प्रति लीटर बढ़ गया है.” खेड़ा ने कर्नाटक चुनाव के दौरान 17 दिनों तक तेल के दाम में स्थिरता रहने का जिक्र किया और कहा कि वह हैरान हैं कि क्या तेल की कीमतें सही मायने में नियंत्रण मुक्त कर दी गई हैं.

कांग्रेस ने एक बार फिर पेट्रोलियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने की मांग की. उन्होंने कहा कि इससे चुनाव आने से पहले श्रेय लेने का पाखंड पूरी तरह समाप्त हो जाएगा.