कश्मीर घाटी में नगर निकाय चुनाव से पहले तनाव चरम पर

कश्मीर घाटी में नगर निगम चुनाव की शुरुआत से पहले रविवार को कड़ी सुरक्षा और बढ़े तनाव के बीच मतदाताओं की भागीदारी को लेकर असमंजस बढ़ गया है, क्योंकि आतंकियों ने उम्मीदवारों व मतदाताओं दोनों को धमकियां जारी की हैं. उम्मीदवारों की सुरक्षा चिंताओं का समाधान किया जा चुका है, जिन पर अभी भी आतंकियों का खतरा बरकरार है.

अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया से पहले घाटी में सभी उम्मीदवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है. घाटी की दो बड़ी पार्टियों -नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी)- ने चुनावों का बहिष्कार किया है. साथ ही मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), हाकिम यासीन के नेतृत्व वाले पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीएफ) और गुलाम हसन मीर की अध्यक्षता वाली डेमोक्रेटिक पार्टी नेशनलिस्ट (डीपीएन) ने भी खुद को चुनावों से दूर रखा है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार केवल मैदान में हैं. 244 उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि कश्मीर घाटी के 159 नगरपालिका वाडरें के लिए कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं है. आंकड़ों की दृष्टी से देखा जाए तो घाटी में 29 फीसदी मतदाताओं के पास अपने वार्डो में चुनने के लिए कोई उम्मीदवार ही नहीं है.

घाटी के किसी भी स्थान पर चुनाव प्रचार अभियान भी देखने को नहीं मिला. हालांकि उम्मीदवार संशय में हैं और यह सवाल बरकरार है कि सोमवार को मतदान के लिए लोग अपने घरों से बाहर निकलेंगे भी या नहीं. आतंकियों ने उम्मीदवारों और मतदाताओं दोनों को धमकी जारी की है. वहीं अलगाववादियों ने लोगों से चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी नहीं करने की अपील की है और पूरी घाटी में बंद की भी घोषणा की है.

क्षेत्र में रविवार को बढ़ते तनाव को देखते हुए अधिकारियों ने जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी है. केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 400 अतिरिक्त कंपनियां पहले ही यहां पहुंच चुकी हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया के लिए सुरक्षित माहौल मुहैया कराने हेतु तैनात सुरक्षा बलों को अतिरिक्त मजबूती दी जा सके. श्रीनगर के तीन वार्डो में मतदान होने हैं.

शहर में शनिवार और रविवार को विभिन्न जांच चौकियों पर समुचित दस्तावेज न होने या बाइकसवारों द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन किए जाने पर पुलिस ने कई मोटरसाइकिलें जब्त कर लीं. शहर में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की जांच की जा रही है. जहां मतदान होने हैं, उन इलाकों में खुफिया सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हाई-टेक विद्युत निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

श्रीनगर शहर के तीन नगरपालिका वाडरें के अलावा, कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा, हंदवाड़ा, बांदीपोरा, बारामूला, चाडूरा, बड़गाम, खानसाहिब, अचबल, देवसर, कोकरनाग, काजीगुंड और कुलगाम नगरपालिका समितियों और लद्दाख के लेह एवं कारगिल क्षेत्र में सोमवार को मतदान होने हैं.

वहीं जम्मू क्षेत्र के बिश्नाह, अरनिया, आर.एस. पुरा, अखनूर, खौर, जुरियन, राजौरी, थानामांडी, नौशेरा, कालाकोट, सुंदरबनी, पुंछ और सुरनकोट की नगरपालिका समितियों के लिए भी सोमवार को मतदान होंगे. इसके अलावा, जम्मू नगर निगम के वार्डो के लिए भी मतदान होने हैं.