चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक के सीईओ का पद छोड़ा, जांच जारी

चंदा कोचर ने गुरुवार को आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) का पद छोड़ दिया. उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच हालांकि जारी रहेगी. चंदा कोचर वीडियोकोन समूह को ऋण दिए जाने के मामले में आरोपों का सामना कर रही है.

आईसीआईसीआई बैंक ने अपने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, “बैंक ने तत्काल प्रभाव से अपने मुख्य संचालक अधिकारी (सीओओ) संदीप बख्शी को नया सीईओ और और एमडी नियुक्त किया है.”

कोचर के पद छोड़ने के बाद आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 4 फीसदी बढ़कर प्रति शेयर 315.95 रुपये पर पहुंच गया. इसके विपरीत, बीएसई सेंसेक्स 806 प्वाइंट लुढ़ककर या 2.24 फीसदी घटकर 35,169.16 पर पहुंच गया.

कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा, “आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने चंदा कोचर के बैंक से समय पूर्व सेवानिवृत्ति के आग्रह को स्वीकार कर लिया है.”

कंपनी के अनुसार, “इसके बावजूद भी बोर्ड द्वारा जारी जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा. कोचर ने बैंक के सब्सिडिअरी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के पद को भी छोड़ दिया है.” बख्शी का कार्यकाल पांच वर्षो तक होगा.

फाइलिंग के अनुसार, “उनकी नियुक्ति 3 अक्टूबर 2023 तक पांच वर्षो के लिए होगी. उनकी नियुक्ति को लेकर अन्य शर्तो व परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं होगा.”

इसके अलावा बैंक के स्वतंत्र निदेशक एम.डी. माल्या ने भी खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. कोचर द्वारा लिए इस निर्णय के बाद उनका इस बैंक में शीर्ष कार्यकारी के रूप में नौ वर्ष का कार्यकाल समाप्त हो गया है. 2009 में कोचर को बैंक का एमडी व सीईओ बनाया गया था और उन्हें भारत व विदेशों में बैंक के विविध संचालनों की जिम्मेदारी दी गई थी.

कोचर पर कथित रूप से मार्च में अपने पति को फायदा पहुंचाने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया था. मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकोन समूह को 3,250 करोड़ रुपये का ऋण मुहैया कराया था. समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत के कोचर के पति दीपक कोचर के साथ व्यापारिक संबंध थे. यह आरोप लगाया गया कि धूत ने दीपक कोचर की सह स्वामित्व वाली कंपनी को ऋण का एक बड़ा हिस्सा स्थानांतरित किया.

मीडिया ने इस मामले को एक अनाम व्हिसल ब्लोअर द्वारा शिकायत के बाद उजागर किया. व्हिसल ब्लोअर ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को लिखे पत्र में कोचर के कथित अनुचित व्यवहार और हितों के टकराव के बारे में लिखा था.

बैंक ने शुरुआत में कोचर के विरुद्ध मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की लेकिन बाद में लगातार लोगों व नियामक दबाव के चलते पूरे मामले की जांच के आदेश देने पड़े.

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी.एन. श्रीकृष्णा फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र जांच कर रहे हैं. बैंक ने 30 मई को घोषणा की थी कि बोर्ड व्हिसल ब्लोअर के आरोपों की ‘विस्तृत जांच’ करेगा. जून में, कोचर ने छुट्टी पर जाने का निर्णय लिया. उसके बाद संदीप बख्शी को बैंक का पूर्णकालिक निदेशक और सीओओ बनाया गया था.