उत्तराखंड को मिली इलेक्ट्रिक बस, ये है बस की खासियत

प्रदूषण में कटौती एवं पेट्रोल-डीजल के आयात को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड परिवहन निगम 50 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी कर रहा है. रोडवेज की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. इसलिए वो खुद खरीद करने की बजाय पीपीपी मोड पर बसें चलाने की योजना बना रहा है.

एक कंपनी ने रोडवेज को इलेक्ट्रिक बस भी उपलब्ध करवा दी है. मंगलवार को यह बस रोडवेज की हरिद्वार रोड स्थित कार्यशाला पहुंच गई. एक दो दिन में बस का ट्रायल शुरू होगा.

अभी उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) को एक इलेक्ट्रिक बस मिली है. रोडवेज इस बस को माह तक लोकल रूटों पर ट्रायल के तौर पर चलाएगा.

अगर यह प्रयोग सफल रहा तो पीपीपी मोड पर 50 बसों का संचालन हो सकेगा. एक-दो दिन में बस नियमित रूप से चलनी शुरू होगी. करीब एक करोड़ लागत की यह बस ईको फ्रेंडली है.

इलेक्ट्रिक बस का पहाड़ी और मैदानी दोनों रूट पर रोडवेज ट्रायल लेगा. महाप्रबंधक (संचालन) दीपक जैन ने बताया कि इस बस को देहरादून-मसूरी, देहरादून से ऋषिकेश और देहरादून-हरिद्वार रूट पर चलाया जाएगा. यदि यह प्रयोग सफल रहा तो पीपीपी मोड पर 50 बसें चलाने के लिए निविदा आमंत्रित की जाएगी.

ये है बस की खासियत
महाप्रबंधक (संचालन) दीपक जैन ने बताया कि बस ईको फ्रेंडली है, जो ध्वनि और वायु प्रदूषण नहीं करती है. कंपनी का दावा है कि बस में इंजन नहीं है. इसमें मोटर इलेक्ट्रिक ऊर्जा को मैकेनिकल ऊर्जा में बदलती है. 32 सीटर बस एक बार चार्ज होने पर दो से ढाई सौ किमी चलती है. इस बस की अधिकतम रफ्तार 80 किमी प्रतिघंटा है.