दिल्ली यूपी बॉर्डर सील, धारा-144 लागू, जानें वजह

किसान क्रांति पदयात्रा 23 सितंबर को हरिद्वार से आरंभ हुई थी. जिसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और मेरठ जिलों से गुजरते हुए किसान सोमवार (1 अक्टूबर) को गाजियाबाद तक पहुंच गए. इस दौरान हजारों की संख्‍या में किसानों ने जीटी रोड जाम कर दिया था. जिलाधिकारी और एसएसपी ने करीब एक घंटे तक किसानों को समझाने की कोशिश की लेकिन किसान दिल्ली जाने पर अड़े रहे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब दो घंटे चली वार्ता विफल रही और प्रतिनिधिमंडल के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की मांग पर अड़े रहे. बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले हजारों किसानों की पूर्ण कर्ज माफी, बिजली दरों में छूट देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे है. किसान अपनी जिद अड़े पर है. जिसके मद्देनजर दिल्ली-यूपी बॉर्डर को सील कर दिया गया है. साथ ही बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए है. ऐहतियातन पूर्वी दिल्ली में धारा-144 लागू कर दिया गया है.

ये किसान हरिद्वार से चलकर गाजियाबाद तक पहुंचे है. जहां सोमवार को उन्हें रोक लिया गया. पुलिस ने इन किसानों को दिल्ली जाने की इजाजत नहीं दी, जिसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. हालांकि यह बातचीत विफल रही.

इन किसानों की योजना गांधी जयंती के मौके पर राजघाट से संसद तक मार्च करने की है. लेकिन दिल्ली पुलिस की तरफ से उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई है. साथ ही दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर को सील कर दिया गया है. पुलिस ने बेरिगेटिंग कर दी है. यूपी पुलिस और दिल्ली पुलिस ने दिल्ली की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया है. गाजियाबाद से दिल्ली में दाखिल होने वाले रास्ते को भी डाइवर्ट किया गया है. साथ ही साथ दिल्ली से कौशाम्बी और वैशाली की तरफ जाने वाले रास्ते को भी डाइवर्ट किया गया.