सीएम रावत इंवेस्टर्स समिट से पहले 65 हजार करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे

उत्तराखंड में यह पहला अवसर है. जब सरकार बड़े स्तर पर इंवेस्टर्स समिट का आयोजन कर रही है. अडानी समेत अन्य कई बड़ी कंपनियां निवेश को तैयार है. इससे उत्तराखंड के लोगों को लाभ मिलेगा. पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश होने से पलायन रुकने के साथ ही रिवर्स माइग्रेशन होगा.

इंवेस्टर्स समिट के जरिये सरकार ने 12 सेक्टरों को चिन्हित कर निवेश लाने की योजना बनाई है. कृषि, बागवानी, ऐरामेटिक, पर्यटन, आयुष, वेलनेस, सोलर ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, फिल्म इंडस्ट्री, इलेक्ट्रिक वाहन, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, बायोटेकभनोलॉजी, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में अलग-अलग निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है.

देहरादून में सात अक्टूबर से शुरू होने वाले इन्वेस्टर्स समिट को सफल बनाने के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों पर सकारात्मक रुझान मिलने लगे है. प्रदेश सरकार को अभी तक विभिन्न औद्योगिक घरानों से निवेश के लिए 74 हजार करोड़ से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हुए है. इन्वेस्टर समिट से पहले प्रदेश सरकार 65 हजार करोड़ के एमओयू विभिन्न निवेशकों के साथ कर लेगी.

मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार केएस पंवार, अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, आरके सुधांशु, दिलीप जावलकर व अरविंद ह्यांकि समेत अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे.