सुप्रीमकोर्ट ने व्यभिचार कानून को असंवैधानिक करार दिया, कहा पति सिर्फ पति है मालिक नहीं

सुप्रीमकोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसले में 157 साल पुराने व्याभिचार अडल्टरी) कानून को असंवैधानिक करार देते हुए इसे अपराध मानने से इनकार कर दिया है.

अदालत की पांच जजों की पीठ ने कहा कि यह कानून असंवैधानिक और मनमाने ढंग से लागू किया गया था. आईपीसी की धारा-497 को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कानून का समर्थन किया है.

सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से एएसजी पिंकी आंनद ने कहा था कि अपने समाज में हो रहे विकास और बदलाव को लेकर कानून को देखना चाहिए न कि पश्चिमी समाज के नजरिए से.