पैन कार्ड को आधार से लिंक करवाना अनिवार्य : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आधार कार्ड की अनिवार्यता मामले में हम फैसला देते हुए कहा कि अब बैंक खातों, मोबाइल ऑपरेटर्स या फिर सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड जरूरी नहीं होगा. कोर्ट के अनुसार आधार कार्ड एकदम सुरक्षित है, इस पर हमला संविधान के खिलाफ है. के साथ ही पैन कार्ड को आधार से लिंक करवाना अनिवार्य होगा. जस्टिस सीकरी, चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस एम खानविलकर की तरफ से फैसला पढ़ रहे हैं.

फैसला पढ़ते हुए जस्टिस एके सीकरी ने कहा कि ने कहा कि आधार ने समाज के वंचित तबकों को सशक्त किया है और उन्हें एक पहचान दी है. पीठ ने कहा कि किसी जानकारी का जारी होने क्या राष्ट्रहित में है? ये उच्च स्तर पर तय हो. फैसला लेने में हाई कोर्ट जज की भी भूमिका हो, आधार एक हद तक निजता में दखल है लेकिन ज़रूरत को देखना होगा. पीठ ने कहा कि हमें लगता है बायोमेट्रिक की सुरक्षा के पुख्ता उपाय हैं. किसी व्यक्ति का डेटा रिलीज़ करने से पहले उसे जानकारी दी जाए. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 38 दिनों की सुनवाई के बाद आधार मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था.

अब पांच जजों की संविधान पीठ तय करेगी कि आधार निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है या नहीं. इस मामले में 10 मई को सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ में सुनवाई पूरी हुई थी. फैसला आने तक सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के अलावा बाकी सभी केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं में आधार की अनिवार्यता पर रोक लगाई गई है.

इनमें मोबाइल सिम व बैंक खाते भी शामिल हैं. मामले में हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के एस पुत्तास्वामी की याचिका सहित कुल 31 याचिकाएं दायर की गयी थीं. अदालत द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने पर अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने पीठ को बताया था कि 1973 के केसवानंद भारती के ऐतिहासिक मामले के बाद सुनवाई के दिनों के आधार पर यह दूसरा मामला बन गया है.