गुरुग्राम में नकली न्यायाधीश गिरफ्तार

खुद को गुरुग्राम में तैनात एक सिविल जज बताने वाले हैदराबाद के एक बी.टेक स्नातक को यहां गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने सोमवार को बताया कि वह सस्ते फ्लैट और नौकरियां दिलवाने में मदद करने के नाम पर तीन दर्जन से ज्यादा लोगों को ठग चुका था. संदिग्ध की पहचान केदारनाथ सागर के रूप में हुई है.

सहायक पुलिस आयुक्त शमशेर सिंह ने कहा कि ठग ‘न्यायाधीश सागर’ को गुरुग्राम के सेक्टर 12 से गिरफ्तार किया गया, जहां वह पिछले छह महीने से किराए के मकान में रह रहा था.

अधिकारी ने कहा, “आरोपी अक्सर लोगों से कहता था कि वह बतौर प्रतिनियुक्ति सिविल जज गुरुग्राम में तैनात है. वह लोगों से आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी (ईडब्लूएस) के फ्लैटों और सार्वजनिक व सरकारी क्षेत्रों में नौकरियां दिलवाने का वादा किया करता था.” वह ज्यादातर महिलाओं को निशाना बनाता था और प्रत्येक फ्लैट के बदले तीन-पांच लाख रुपये वसूलता था. लेकिन उन्हें वे फ्लैट आवंटित नहीं होते थे. अधिकारी ने कहा, “उसने करीब 40 लोगों को ठगा था.”

सागर को गगन बत्रा की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया, जिसके रिश्तेदार से सेक्टर 102 में एक फ्लैट के लिए चार लाख रुपये ठगे गए थे.आरोपी ने न्यायाधीश का एक फर्जी पहचान-पत्र और उसकी कथित तैनाती से संबंधित जरूरी दस्तावेज तैयार किए हुए थे. अधिकारी ने कहा कि अदालत ने सागर को सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.