यूपी में योगी किसानों व कृषि का कर सकते हैं कायाकल्प, बन रही है कार्ययोजना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वर्तमान परिवेश में कृषि का विविधीकरण आवश्यक है. इससे किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा. पारंपरिक फसलों के अलावा सब्जी, फल, बागवानी, मछली पालन व दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में किसानों को आगे बढ़ने की जरूरत है. आधुनिक तकनीक के लिए किसानों को जागरूक करने की जरूरत है.

एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार को शास्त्री भवन में मुख्यमंत्री बैठक कर रहे थे. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए संकल्पित है. प्रदेश सरकार कार्ययोजना बनाकर इस दिशा में काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रिप पद्धति से सिंचाई का व्यापक प्रसार किया जाना चाहिए. मनरेगा से कृषि से संबंधित विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा सकते हैं. इससे लघु और सीमांत किसानों को बहुत लाभ मिलेगा. कृषि के क्षेत्र में प्रधानमंत्री के प्रयासों के परिणाम सामने आने लगे हैं. प्रदेश सरकार ने अब तक दो करोड़ से ज्यादा मृदा स्वास्थ्य कार्डों का वितरण किया है, जो देश में सर्वाधिक है.

इस बैठक में तय हुआ कि एशियन डेवलपमेंट बैंक प्रदेश में आम, अमरूद, आलू, दलहनी एवं तिलहनी फसलों की वैल्यू एडिशन के संबंध में अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट शासन को देगा. मुख्यमंत्री के समक्ष बैंक प्रतिनिधियों द्वारा उत्तर प्रदेश में वैल्यू चेन के संबंध में एक प्रस्तुतीकरण भी किया गया.

बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उद्यान मंत्री दारा सिंह चौहान, पशुधन एवं मत्स्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, दुग्ध विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, ग्राम्य विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण सुधीर गर्ग तथा प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल भी उपस्थित थे.

एडीबी प्रदेश के कृषि क्षेत्र को तकनीकी सहायता देने पर विचार कर रहा है. एडीबी ने इसके लिए एक कंसल्टेंट नियुक्त किया है जो विस्तृत अध्ययन कर अपनी संस्तुति देगा. इसके बाद प्रदेश में इस दिशा में बैंक अपना सहयोग देगा.
यह जानकारी एडीबी के कंट्री डायरेक्टर केनिची योकोयामा ने यहां कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को दी. कृषि मंत्री से श्री योकोयामा ने मुलाकात के दौरान कृषि क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के विषय में भी जानकारी प्राप्त की. इस दौरान प्रदेश में जैविक खेती एवं इस क्षेत्र में दिए जा रहे वित्तीय अनुदान के विषय में कृषि मंत्री ने बताया कि बुन्देलखंड क्षेत्र के 13 जिलों में 50-50 एकड़ के 575 कलस्टर में जैविक खेती की जा रही है. जिन्हें राज्य सरकार वित्तीय सहायता भी दे रही है. बैठक में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद, राज्य सरकार के आर्थिक सलाहकार केवी राजू तथा कृषि निदेशक सोराज सिंह समेत कृषि विभाग के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे.