फॉक्सवैगन इंडिया ने सिम्बायोसिस स्किल्स एंड ओपन यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को एक वेन्टो कार दान की

गुरुवार को फॉक्सवैगन इंडिया ने पुणे में सिम्बायोसिस स्किल्स एंड ओपन यूनिवर्सिटी (एसएसओयू) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया, जिसके तहत यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को वेन्टो दान की जाएगी. वेन्टो का उपयोग एसएसओयू की प्रयोगशाला में उन विद्यार्थियों की शिक्षा के लिये किया जाएगा, जो ऑटोमोबाइल स्ट्रीम में हैं. यह हस्ताक्षर समारोह फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रेसिडेन्ट एवं प्रबंध निदेशक डॉ. एंड्रीयास लौरमैन और सिम्बायोसिस स्किल्स एंड ओपन यूनिवर्सिटी की प्रो-चांसलर डॉ. स्वाति मजूमदार की उपस्थिति में संपन्न हुआ.

फॉक्सवैगन इंडिया उत्पादन के विभिन्न क्षेत्रों में कुशल कार्यबल तैयार करने के लिये फॉक्सवैगन अकादमी चलाता है. यह अकादमी रोजगार के योग्य कार्यबल तैयार करने के लिये काम करती है और इसके लिये कई कार्यक्रम चलाती है, जो फॉक्सवैगन के पुणे स्थिति संयंत्र और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के साथ गठबंधनों से संचालित होते हैं.

सिम्बायोसिस स्किल्स एंड ओपन यूनिवर्सिटी महाराष्ट्र की प्रथम कौशल विकास यूनिवर्सिटी है, जो कौशल विकास के क्षेत्र में विभिन्न कोर्स की पेशकश करती है. भारत में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के लिये कौशल का अभाव एक सच्चाई है और उत्पादन क्षेत्र का भी यही हाल है. इस अभाव को देखते हुए फॉक्सवैगन इंडिया अकादमी एसएसओयू को वेन्टो कार दे रही है, ताकि विद्यार्थियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण मिले. वेन्टो का उपयोग प्रशिक्षण के लिये किया जाएगा और कार की तकनीक, जैसे कि इलेक्ट्रिकल सिस्टम, व्हीकल डायनैमिक्स, सुरक्षा इंजिनियरिंग, सामग्री की मजबूती, आदि समझाई जाएगी.

इस अवसर पर फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रेसिडेन्ट एवं प्रबंध निदेशक डॉ. एंड्रीयास लौरमैन ने कहा कि, ‘‘हम सिम्बायोसिस परिवार के साथ दोबारा जुड़कर प्रसन्न हैं. ऑटोमोबाइल के क्षेत्र का वैश्विक केन्द्र बनने के लिये भारत को कौशल का अभाव दूर करना होगा और सभी साझीदारों के साथ मिलकर काम करना होगा. कॉर्पोरेट्स के तौर पर हम बाजार के बदलते आयामों पर बहुत ध्यान देते हैं और इसलिये यह पहल की है, ताकि भारत के युवाओं को सही कुशलता मिले और वह ऑटो उद्योग की नई चुनौतियों का सामना कर सकें. मुझे उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण से उन्हें लाभ होगा.’’

एसएसओयू को सौंपी गई वेन्टो थिंक ब्लू. फैक्टरी. कलर्स में ब्राण्ड की गई थी, यह एक कार्यक्रम है जो उत्पादन क्षमता में सुधार और पर्यावरण के प्रति जागरूक ऊर्जा आपूर्ति के विस्तार पर केन्द्रित है, जो फॉक्सवैगन की सभी विश्वव्यापी सुविधाओं के सभी कर्मचारियों को सम्बोधित करता है. थिंक ब्लू. फैक्टरी कार्यक्रम के एक हिस्से के तौर पर फॉक्सवैगन के पुणे स्थित संयंत्र ने कई पर्यावरण-हितैषी प्रक्रियाएं लागू की हैं और पिछले वर्ष के अंत तक 30 प्रतिशत से अधिक कटौती अर्जित की है. इस संयंत्र का लक्ष्य वर्ष 2025 तक उत्पादन प्रक्रिया से पर्यावरण पर होने वाले प्रभाव में 45 प्रतिशत की कटौती का लक्ष्य हासिल करना है.

सिम्बायोसिस स्किल्स एंड ओपन यूनिवर्सिटी की प्रो-चांसलर डॉ. स्वाति मजूमदार ने कहा कि, ‘‘हम एक बार फिर फॉक्सवैगन से जुड़ने का मौका पाकर प्रसन्न हैं. फॉक्सवैगन इंडिया के साथ इस गठबंधन के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑटोमोटिव उद्योग का ज्ञान मिलेगा. हम हमें और एसएसओयू के विद्यार्थियों को फॉक्सवैगन अकादमी के साथ जुड़ने का अवसर देने के लिये फॉक्सवैगन की टीम को धन्यवाद देते हैं. हम आगे भी ऐसी शैक्षणिक-औद्योगिक भागीदारियाँ करेंगे.’’

फॉक्सवैगन अकादमी और एसएसओयू ने फ्रंट लेवल सुपरवाइजर्स के रूप में पदोन्नत फॉक्सवैगन के कर्मचारियों के लिये एक अनूठा मॉड्यूल निर्मित करने के लिये इस वर्ष की शुरूआत में गठबंधन किया था, जिसका लक्ष्य था उन्हें भविष्य का टीम लीडर बनाना. यह मॉड्यूल औपचारिक डिप्लोमा शिक्षा और वास्तविक योग्यता के बीच की दूरी को पाटने पर केन्द्रित है, ताकि कर्मचारियों में व्यावसायिक संवाद कुशलता का विकास हो, उन्हें संगठनात्मक और उत्पादन प्रणालियों की गहन समझ हो, आदि. यह समझौता पहले के गठबंधन का विस्तार है. कंपनी स्किल इंडिया कार्यक्रम की लगातार प्रगति के लिये अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करना चाहती है.