उत्तराखण्ड बनेगा सोलर पॉवर हब, सरकार ने किया 21 हजार करोड़ रूपये का करार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व कृषि मंत्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति में गुरूवार को विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय सभागार में प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में 150 करोड़ रूपये के निवेश की योजनाओं का एमओयू हस्ताक्षरित किया गया. एमओयू पर सचिव कृषि व खाद्य प्रसंस्करण डी.सेंथिल पाण्डियन व मैसर्स रॉकेट रिद्धि-सिद्धि प्रा.लि., गोरेगांव, मुम्बई के प्रबन्ध निदेशक रोहित मार्कन के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित किया गया.

रोहित मार्कन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि रूद्रपुर में स्थापित मक्का से स्टार्च बनाने वाली भारत की यह सबसे बड़ी यूनिट होगी. इसमें 08 लाख टन मक्के की खपत होगी. जिसमें से 04 लाख टन मक्का उत्तराखण्ड के किसानों से सीधे क्रय किया जायेगा. जबकि बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र को मैसर्स एज्यूर पॉवर इण्डिया के सीईओ ज्योति प्रकाश अग्रवाल ने उत्तराखण्ड में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लगभग 21 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों से संबंधित सहमति पत्र भी सौंपा. इन प्रस्तावों में सोलर पैनल निर्माण, उत्तराखण्ड के जलाशयों/डेम में सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने, सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने, पिरूल आधारित गैसिफिकेशन यूनिट के निर्माण, लघु जल विद्युत व बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण से संबधित निवेश के प्रस्ताव शामिल हैं. इससे भी हजारों लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे.

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने निवेशकों का उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जायेगा. देश के विभिन्न स्थानों सहित थाईलैंड व सिंगापुर में आयोजित रोड शो के माध्यम से की गई निवेश की हमारी पहल को उद्यमियों ने सराहा है और हमारी उम्मीद से अधिक बढ़कर निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं. अडानी ग्रुप ने भी सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक हजार करोड़ रूपये के निवेश पर सहमति जतायी है. मुख्यमंत्री ने निवेशकों का आह्वान किया कि 07 व 08 अक्टूबर को देहरादून में आयोजित होने वाले इन्वेस्टर समिट में उनका स्वागत है.