मशहूर कवि और हिंदी अकादमी के उपाध्‍यक्ष विष्‍णु खरे का निधन

बुधवार को मशहूर कवि और हिंदी अकादमी के उपाध्‍यक्ष विष्‍णु खरे (78) का निधन हो गया है.उन्होंने दिल्ली  के जीबी पंत अस्पताल में अंतिम सांस ली . एक हफ्ते पहले ब्रेन हेमरेज होने के कारण उनको  अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, विष्णु खरे के ट्रीटमेंट में कई सीनियर डॉक्टर तैनात थे और न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट के दो सीनियर ऑफिसर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए थे.

विष्‍णु खरे का जन्‍म मध्‍य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुआ था. उन्‍होंने इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज से इंग्लिश में एमए करने के बाद हिंदी पत्रकार के रूप में करियर शुरू किया. इस कड़ी में वह पहले ‘दैनिक इन्‍दौर’ में उप संपादक रहे. उसके बाद नवभारत टाइम्‍स के कई संस्‍करणों के संपादक रहे.

उन्‍होंने मशहूर ब्रिटिश कवि टीएस इलियट की कविताओं का अनुवाद भी किया. यह ‘मरु प्रदेश और अन्‍य कविताएं’ नाम से प्रकाशित हुआ. उन्‍होंने समकालीन हिंदी कविताओं का अंग्रेजी में भी अनुवाद किया. उनका पहला काव्‍य संग्रह ‘एक गैर रूमानी समय में था.