चोरों को अंदर लाने वाले ‘चौकीदार’ हैं मोदी : राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यहां मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसे चौकीदार हैं जो दरवाजे खोलते हैं और चोरों को अंदर आने देते हैं. आंध्र प्रदेश के एक कस्बे में जनसभा संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी अगर सच्चे चौकीदार होते तो भगोड़े व्यवसायी विजय माल्या को विदेश जाने की अनुमति देने वाले वित्तमंत्री अरुण जेटली को तुरंत बर्खास्त कर देते.

राहुल ने कहा कि मोदी ने जेटली को बर्खास्त नहीं किया, क्योंकि वे खुद भ्रष्ट हैं. मोदी पर लगाए अपने आरोप के लिए उन्होंने राफेल सौदे का हवाला दिया.

राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान हुए 126 लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे को बदल दिया. प्रत्येक जेट की कीमत पहले निर्धारित हुई 526 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,600 करोड़ रुपये कैसे हो गई. तीन गुनी कीमत पर सरकार ने अंबानी की कंपनी से राफेल विमान खरीद का सौदा किया है. उस कंपनी ने कभी विमान बनाया ही नहीं.

राहुल गांधी ने कहा कि विमान बनाने का ठेका 70 वर्ष का अनुभव रखने वाली हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से लेकर मोदी ने एक निजी कंपनी को दे दिया और इसकी भनक रक्षा मंत्रालय को भी नहीं लगने दी. बाद में इससे संबंधी कागजात बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय को कहा. इस सच्चाई का खुलासा रक्षामंत्री कर ही नहीं सकतीं. वह प्रधानमंत्री को बचाने के लिए लगातार झूठ पर झूठ बोले जा रही हैं.

उन्होंने कहा कि जेटली ने खुद स्वीकार किया है कि माल्या ने उनसे मिलकर उन्हें बताया था कि वह देश छोड़कर इंगलैंड जा रहा है.

राहुल ने कहा, “अब मात्र यही संभावना है कि वित्तमंत्री ने माल्या को किसी कीमती चीज के बदले विदेश जाने की अनुमति दे दी. उनके बीच एक सौदा हुआ था.”

राहुल ने कहा कि नोटबंदी और गलत तरीके से जीएसटी लागू करने का मकसद जनता की जेब का पैसा निकाल कर कुछ सबसे अमीर उद्योगपतियों की जेब में भरने का था. सरकार ने वह उद्देश्य पूरा कर लिया, मगर जनता से धोखा किया.

मोदी सरकार पर सबसे अमीर लोगों पर 1.3 लाख करोड़ का गैर निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) बढ़ाने का आरोप लगाते हुए राहुल ने वादा करते हुए कहा कि अगर वे 2019 में सत्ता में आए तो कांग्रेस सबसे पहले किसानों का ऋण माफ करेगी.

जनसभा संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी आंध्र प्रदेश के विभाजन के समय प्रदेश के साथ किए सभी वादों को तोड़कर प्रदेशवासियों का अपमान कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने छात्रों से भी बात की.