एशिया कप 2018 : कोहली की गैरमौजूदगी का फायदा उठाना चाहेगी पाकिस्तान

दुबई|…. बुधवार को एशिया कप-2018 के सबसे बहुप्रतिक्षित मुकाबले में टीम इंडिया और पाकिस्तान की टीमें दुबई अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में आमने-सामने होंगी. दोनों टीमें इससे पहले पिछले साल चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में भिड़ी थीं जहां पाकिस्तान ने बाजी मारी थी.

पाकिस्तान ने अपने पहले मैच में हांगकांग को आठ विकेट से आसान मात दी थी. अब उसकी कोशिश अपने इसी विजयी क्रम को भारत के खिलाफ भी जारी रखने की होगी.

वहीं एशिया कप की बात की जाए तो भारत ने छह बार पाकिस्तान को हराया तो वहीं पांच बार पाकिस्तान जीत हासिल करने में सफल रहा है. अब पाकिस्तान इस रिकॉर्ड को बराबरी पर लाना चाहेगा.

इस मैच के समय को लेकर हालांकि थोड़ा बहुत विवाद उपजा था. इस मैच से ठीक पहले यानि मंगलवार को भारत का सामना हांगकांग से था. टूर्नामेंट का कार्यक्रम घोषित होने के बाद की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीसीसीआई ने इस कार्यक्रम पर आपत्ती जताई थी. वहीं कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने इस पर सवाल किए थे.

आयोजकों ने हालांकि मैच की तारीख में बदलाव नहीं किया था और भारत को यह मैच बिना किसी अंतराल के बिना भी खेलना पड़ेगा.

टीम इंडिया इस टूर्नामेंट में अपने नियमित कप्तान विराट कोहली के बिना उतर रहा है. विराट न सिर्फ टीम के कप्तान हैं बल्कि उन्हें मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिना जाता है. ऐसे में उनका न रहना पाकिस्तान के लिए राहत की बात हो सकती है.

पाकिस्तान के कई खिलाड़ियों ने माना भी है कि कोहली की अनुपस्थिति उनकी टीम के लिए फायदे का सौदा होगी. कोहली के न रहते हुए रोहित के ऊपर जिम्मेदारी बढ़ जाती है. उन्हें न सिर्फ अपने बल्ले से रन निकालने होंगे बल्कि एक कप्तान के तौर पर भी अपनी रणनीतियों में पैना पन रखना होगा.

रोहित के अलावा बल्लेबाजी में शिखर धवन के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी होगी. कोहली के बाद बीते कुछ वर्षो में इन दोनों ने टीम इंडिया की बल्लेबाजी को मजबूती से संभाला है और अब इन दोनों को एक और कड़ी परीक्षा का सामना करना होगा. कोहली के न रहते तीसरे नंबर पर लोकेश राहुल आ सकते हैं. वहीं रोहित भी इस नंबर पर अपने हाथ आजमा सकते हैं.

रोहित की सबसे बड़ी समस्या मध्यक्रम है जहां चौथे और पांचवें नंबर के लिए उन्हें जद्दोजहद करनी होगी. इन दो नंबरों के लिए रोहित के पास अंबाती रायडू, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक और मनीष पांडे के विकल्प मौजूद हैं.

वहीं अनुभवी खिलाड़ी होने के नाते महेंद्र सिंह धोनी के कंधों का भार भी बढ़ गया है.

टीम की गेंदबाजी भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह के ऊपर है. वहीं स्पिन में युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव मुख्य भूमिका में होंगे.

वहीं पाकिस्तान की बात की जाए तो उसकी बल्लेबाजी बाबर आजम, फखर जमन के जिम्मे है. जमन ने ही चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में टीम इंडिया के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी की थी और विशाल स्कोर खड़ा कर टीम की जीत की नींव रखी थी. उन्होंने हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ दोहरा शतक भी जड़ा है.

उनका बल्ला रंग में है जो टीम इंडिया के लिए अच्छे संकेत नहीं है. हांगकांग के खिलाफ इमाम उल हक ने अर्धशतक लगाया. फखर और इमाम की सलामी जोड़ी टीम इंडिया के गेंदबाजों को परेशान करने का माद्दा रखती है.

पाकिस्तान की ताकत उसकी गेंदबाजी है. अपनी गेंदबाजी के दम पर ही पाकिस्तान ने चैम्पियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया पर फतह हासिल की थी.

गेंदबाजी की जिम्मेदारी मुख्य रूप से हसन अली और मोहम्मद आमिर पर होगी. वहीं युवा उस्मान खान ने भी अपने हालिया प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया है. उन्होंने पिछले मैच में तीन विकेट अपने नाम किए थे.

स्पिन में पाकिस्तान के पास एक ही मजबूत गेंदबाज है, वो है लेग स्पिनर शादाब खान. पाकिस्तान के पास हालांकि मलिक के रूप में एक अनुभवी ऑफ स्पिनर भी है, लेकिन कई दिनों से उनकी स्पिन का जादू ज्यादा असरदार नहीं रहा है.

टीमें :

टीम इंडिया : रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन (उपकप्तान), लोकेश राहुल, अंबाती रायडू, मनीष पांडे, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी, दिनेश कार्तिक, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, शार्दूल ठाकुर और खलील अहमद.

पाकिस्तान : सरफराज अहमद (कप्तान), आसिफ अली, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमन, हारिश सोहेल, हसन अली, इमाम उल हक, जुनैद खान, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद नवाज, शादाब खान, शाहीन अफरीदी, शान मसूद, शोएब मलिक, उस्मान खान.