मुख्य सचिव मारपीट मामला : केजरीवाल व 12 विधायक मुश्किल में, कोर्ट ने समन किया जारी

दिल्ली की एक अदालत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी (आप) के 11 विधायकों के खिलाफ मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ कथित मारपीट मामले में समन जारी किया है. अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने आरोपपत्र स्वीकार करते हुए सभी 13 आरोपियों को 25 अक्टूबर को अदालत के समक्ष पेश होने को कहा है.

दिल्ली पुलिस ने अगस्त में केजरीवाल, सिसोदिया, अमानतुल्ला खान, प्रकाश जारवाल, नितिन त्यागी, ऋतुराज गोविंद, संजीव झा, अजय दत्त, राजेश ऋषि, राजेश गुप्ता, मदन लाल, प्रवीन कुमार और दिनेश मोहनिया के खिलाफ आरोपत्र दायर किया था.

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया, जिसमें किसी सरकारी कर्मचारी को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने, उन्हें गलत तरीके से कार्यालय में रोकने, मारपीट और उस्ीके काम में बाधा उत्पन्न करना शामिल है.

आप नेताओं पर शांति का उल्लंघन करने के इरादे से अपमान करना, धमकी, आपराधिक षड्यंत्र रचने और उत्पीड़न सहित कई आरोप लगाए गए हैं.

वहीं, आप ने झूठे और हास्यास्पद मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और 11 विधायकों को फंसाकर उन्हें बदनाम करने की आधी रात की साजिश करार दिया है.

मुख्य सचिव ने आरोप लगाया था कि उन्हें 19 फरवरी की रात मुख्यमंत्री के आवास पर केजरीवाल की मौजूदगी में आप विधायकों द्वारा पीटा गया था. उन्हें मुख्यमंत्री आवास पर देर रात बैठक के लिए बुलाया गया था.