गणेश चतुर्थी 2018: गणेश जी की पूजा करते समय बरतें ये सावधानी, नही तो बढ़ सकते है आपके संकट

गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है. जो भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है किन्तु महाराष्ट्र में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता है. इस साल गणेश चतुर्थी गुरुवार 13 सितम्बर को यानी आज है.

पुराणों के अनुसार इसी दिन गणेश का जन्म हुआ था.गणेश चतुर्थी पर हिन्दू भगवान गणेशजी की पूजा की जाती है.कई प्रमुख जगहों पर भगवान गणेश की बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाती है. इस प्रतिमा का नो दिन तक पूजन किया जाता है.बड़ी संख्या में आस पास के लोग दर्शन करने पहुँचते है. नौ दिन बाद गाजे बाजे से श्री गणेश प्रतिमा को किसी तालाब इत्यादि जल में विसर्जित किया जाता है.

यदि आप अपने घरों में गणेश जी स्थापना करना चाहते हैं तो इन पांच चीजों का विशेष ध्यान रखना होगा. जाने-अनजाने में आपसे कोई गलती हो जाती है तो आपके संकट दूर होने की बजाय बढ़ सकते हैं और आपकी स्थिति दरिद्रता जैसी हो सकती हैं. तो पहले ही संभल जाइए और गणेश जी की पूजा करने से पहले ये बातें जान लीजिए.

गणेश जी की पूजा करते समय रखें इन 5 चीजों का विशेष ध्यान-
1. चूंकि गणेश जी का जन्म दोपहर में हुआ है इसलिए गणपित बप्पा की पूजा दोपहर में ही करें. इससे बप्पा जल्दी प्रसन्न होंगे और आपको उसका फल मिलेगा.

2. राहु काल में कभी भी गणेश जी की पूजा नहीं करनी चाहिए. यदि आप करते हैं तो भारी संकट का सामना करना पड़ सकता है और आप दरिद्र हो सकते हैं.

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3. गणेश जी की स्थापना करते समय आप उत्तर – पूर्व दिशा में विराजमान करें. भूलकर भी दक्षिण-पश्चिम में स्थापना न करें. इससे हानि हो सकती है.

4. दुर्वा से ही गणेश जी का अभिषेक करें. इससे गणपति बप्पा मनोवांछिक फल देते हैं.

5. गणपति की स्थापना करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि प्रतिमा का मुख दरवाजे की तरफ नहीं होना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि गणेश जी की मुख की तरफ सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है जबकि उनकी पीठ की तरफ दरिद्रता का वास होता है अर्थात गणेश जी का मुख हमेशा उस तरफ होना चाहिए जिससे वो घर की तरफ देखते नजर आएं.