‘भारत बंद’ में राहुल ने विपक्ष की अगुवाई की, निकाला 1.8 किलोमीटर लंबा मार्च

सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट विपक्ष ने पेट्रोल, डीजल की बढ़ी कीमतों के विरोध में आहूत ‘भारत बंद’ के समर्थन में पैदल मार्च किया. राजघाट और जाकिर हुसैन कॉलेज के बीच 1.8 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला गया.

जनता दल सेकुलर (जेडी-एस), तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, (एनसीपी), लोकतांत्रिकजनता दल (एलजेडी), राष्ट्रीय लोक दल, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और आम आदमीपार्टी (आप) उन विपक्षी पाटिर्यों में रहे, जिन्होंने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया.

राजघाट पर राहुल ने महत्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की. उन्होंने विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत, आनंद शर्मा, अंबिका सोनी, अहमद पटेल, रणदीप सिंह सुरजेवाला, अभिषेक मनु सिंघवी, शैलजा कुमारी, मीरा कुमार, जयराम रमेश, एनसीपी के तारिक अनवर, एलजेडी के शरद यादव और राजद के मनोज झा सहित अन्य विपक्षी नेताओं के साथ शामिल होने से पहले कैलाश मानसरोवर यात्रा से लाए जल को समाधि पर अर्पित किया.

मानसरोवर यात्रा से लौटने के बाद राहुल की यह पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी. दिल्ली में आप पार्टी, जिसने बंद में शामिल होने से इनकार कर दिया था, उसने भी अपने नेता संजय सिंह को भेजा.पेट्रोल और डीजल कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के खिलाफ कांग्रेस और वामपंथी दलों द्वारा बंद का आह्वान किया गया.

मार्च समाप्त होने के बाद सभी विपक्षी नेता रामलीला मैदान के पास एक इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास एकत्र हो गए, जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (सप्रंग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मौजूद थे.

बाद में, 200 से अधिक नेता और समर्थक मैदान पर जुट गए, जहां मनमोहन सिंह और अन्य ने कीमतों में वृद्धि को रोकने में विफल केंद्र सरकार के खिलाफ हमला बोला. इससे पहले कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा था, “ईंधन की बढ़ी कीमतें और रुपये के मूल्य में गिरावट से पता चलता है कि मोदी सरकार अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में पूरी तरह असफल रही है.