महिलाओं को अगवा करने के भाजपा विधायक के बयान पर सियासत शुरू

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक द्वारा लड़कियों को अगवा कर उनके ठुकराए प्रेमियों के पास लाने की धमकी दिए जाने के बाद बुधवार को सियासी गलियारों में हलचल मच गई.

यह धमकी एक सार्वजनिक मंच पर दी गई, जहां भाजपा विधायक राम कदम ने अपने घाटकोपर निर्वाचन क्षेत्र में गोकुलाष्टमी महोत्सव के बाद बड़ी संख्या में युवाओं को संबोधित करते हुए यह विवादास्पद बयान दिया.

कदम ने अपना फोन नंबर सार्वजनिक करते हुए जनसभा में कहा, “आपको कुछ भी चाहिए, तो मेरे पास आइए. अगर आप किसी लड़की को प्रस्ताव देते हैं और वह आपको मना कर देती है तो मैं 100 फीसदी आपकी मदद करूंगा. अपने परिवार के साथ मेरे पास आइए और कहिए कि उन्होंने लड़की को स्वीकार कर लिया है. उसके बाद मैं उस लड़की को आपके पास लेकर आऊंगा.”

इस घटना का एक वीडियो मंगलवार शाम वायरल हुआ है, जिसके बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, लेकिन कदम का दावा है कि उनका बयान गलत तरीके से पेश किया गया है और पूरा वीडियो नहीं दिखाया गया है.

कदम ने मंगलवार देर रात एक ट्वीट में कहा, “मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था, लेकिन अगर मैंने ऐसा किया है तो मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं. इस गलतफहमी को फैलाने के पीछे कुछ विरोधियों का हाथ है.”

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने विधायक के बयान पर कड़ा रोष प्रकट किया और कहा कि उन्हें महिलाओं पर ऐसी गैर जिम्मेदाराना टिप्पणियां करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.

राहतकर ने सख्त लहजे में कहा, “कदम ने दावा किया है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है. अगर यह सच है तो महिलाओं के बारे में इस तरह की भाषा अनुचित है. उन्हें और अन्य सभी लोकसेवकों को ऐसी चीजों को लेकर बोलने से पहले अत्यंत सतर्कता बरतनी चाहिए.”

कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने एक तीखी टिप्पणी में कहा कि एक तरफ भाजपा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की बात करती है और दूसरी तरफ उसके विधायक महिलाओं को अगवा करने की बात करते हैं.

वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा, “भाजपा का रावण चेहरा सामने आ गया है.”