..तो नेता के तौर पर स्टालिन को स्वीकार करूंगा : अलागिरी

द्रमुक से निष्कासित नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री अलागिरी ने गुरुवार को कहा कि अगर उन्हें पार्टी में दोबारा शामिल कर लिया जाता है तो वह अपने छोटे भाई और पार्टी अध्यक्ष एम.के.स्टालिन को ‘नेता’ के तौर पर स्वीकार कर लेंगे. अलागिरी ने इससे पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह अपने पिता एम. करुणानिधि को छोड़कर किसी और को अपना नेता नहीं मान सकते.

अलागिरी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए करुणानिधि ने द्रमुक से निष्कासित कर दिया था. यहां पत्रकारों से अलागिरी ने कहा कि द्रमुक का मौजूदा नेतृत्व (स्टालिन) उनके अनुरोध के बाद भी उन्हें द्रमुक में शामिल करना नहीं चाहता है.

उन्होंने कहा कि पार्टी स्टालिन को द्रमुक अध्यक्ष के रूप में चुनने वाली जनरल कौंसिल तक ही सिमटी हुई नहीं है. पार्टी के वास्तविक कार्यकर्ता उनके साथ हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या वह स्टालिन के नेतृत्व को स्वीकार करेंगे, अलागिरी ने कहा, “अगर मुझे पार्टी में शामिल किया जाएगा, तो मैं ऐसा करूंगा.”

अलागिरी शक्ति प्रदर्शन के तहत एक रैली की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि 100,000 लोग भाग लेंगे. 27 अगस्त को अलागिरी ने मदुरै में चेतावनी दी थी कि अगर द्रमुक नेतृत्व उन्हें पार्टी में वापस नहीं लेगा तो उसे इसके ‘परिणाम भुगतने’ पड़ेंगे.