गिरफ्तार मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को नजरबंद रखा जाए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को राहत प्रदान करते हुए उन्हें उनके घरों में ही 5 सितंबर तक नजरबंद रखने का फैसला दिया.

जानकारी के लिए आपको बता दें कि भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में जांच के मद्देनजर मंगलवार को पुणे पुलिस ने देशभर में कथित नक्सल समर्थकों के घरों व कार्यालयों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की.

छापे के बाद हैदराबाद में वामपंथी कार्यकर्ता और कवि वरवर राव, मुंबई में कार्यकर्ता वेरनोन गोन्जाल्विस और अरूण फरेरा, छत्तीसगढ़ में ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज और दिल्ली में रहने वाले सिविल लिबर्टीज के कार्यकर्ता गौतम नवलखा को गिरफ्तार कर लिया गया. गौरतलब है कि पिछले साल पुणे में एक कार्यक्रम के बाद महाराष्ट्र के कोरेगांव भीमा गांव में हुई हिंसा की जांच के तहत छापे मारे गए हैं.