बेबी रानी मौर्य उत्तराखंड राज्य की दूसरी महिला राज्यपाल होंगी, 26 अगस्त को लेंगी शपथ

उत्तराखंड की नवनियुक्त राज्यपाल बेबी रानी मौर्य 26 अगस्त को शाम 5 बजे राजभवन में राज्यपाल पद की शपथ लेंगी. वह डॉ कृष्ण कांत पाल का स्थान लेंगी. इसके लिए शासन और राजभवन स्तर पर तैयारियां तेज हो गईं हैं. अपर मुख्य सचिव ने अफसरों की बैठक में तैयारियों से संबंधित निर्देश जारी किए.

राजभवन से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं कि 26 अगस्त की सुबह 11 बजे तक स्टेट प्लेन आगरा पहुंचा दिया जाए. कार्यक्रम के मुताबिक मनोनीत राज्यपाल बेबी रानी मौर्य 26 अगस्त को दोपहर 12 बजे स्टेट प्लेन से जौलीग्रांट एयरपोर्ट आएंगी.

यहां उनका स्वागत करने के साथ ही गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाएगा. दोपहर 1.15 पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट से हेलीकाप्टर से चलकर 1.35 पर जीटीसी हेलीपैड पहुंचेंगी. 1.45 पर मनोनीत राज्यपाल का राजभवन पहुंचने का कार्यक्रम तय है. मौसम खराब होने की दशा में उन्हें सड़क मार्ग से देहरादून लाने का विकल्प भी रखा गया है.राजभवन में शाम पांच बजे मनोनीत राज्यपाल को एक समारोह में शपथ दिलाई जाएगी. इसके बाद राजभवन में ही सेना की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. फिर बतौर राज्यपाल वे मीडिया से रूबरू होंगी.

इसके बाद जलपान की व्यवस्था होगी. राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन की ओर से जारी एक पत्र के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह का मिनट टू मिनट प्रोग्राम गोपन (मंत्रिपरिषद) की ओर से तैयार किया जाएगा. उधर, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री)ओमप्रकाश ने सचिवालय में आयोजित बैठक में तैयारियों को लेकर निर्देश जारी किए. इसमें तमाम अन्य व्यवस्थाओं के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं. इस बैठक में प्रमुख सचिव (गृह) आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.

उत्तराखंड के सातवें राज्यपाल के रूप में नियुक्त बेबी रानी मौर्य राज्य की दूसरी महिला राज्यपाल होंगी. इससे पूर्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा उत्तराखंड में राज्यपाल का दायित्व संभाल चुकी हैं. राज्य गठन के बाद से उत्तराखंड में अब तक छह राज्यपाल नियुक्त हुए हैं. इनमें अल्वा चौथे राज्यपाल के रूप में आई थीं. उनके बाद अब मौर्य महिला राज्यपाल के रूप में राज्य का दायित्व संभालेंगी.

यूपी के आगरा शहर के बालूगंज क्षेत्र में रहने वाले पीएनबी में निदेशक पद से सेवानिवृत्त व वर्तमान में पीएनबी सलाहकार बोर्ड के सदस्य प्रदीप कुमार मौर्य की पत्नी बेबीरानी वर्ष 1995 तक राजनीति में अधिक सक्रिय नहीं थीं. 1995 में आगरा का मेयर पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए सुरक्षित होने पर उनको भाजपा ने टिकट दिया और वह विजयी रहीं. पांच साल तक मेयर रहकर उन्होंने शहर के विकास के लिए प्रयास किए.