हाथ में तलवार और ढाल के साथ ‘जीत` का आशीर्वाद देते हैं यहाँ हनुमान जी

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में श्री रणजीत हनुमान मंदिर में पूरे साल लाखों लोग जीत का आशीर्वाद लेने आते हैं. हनुमान जी के इस मंदिर के बारे में बोला जाता है कि यहाँ जीत प्रसाद के रूप में मिलती है. इस मंदिर में श्री रणजीत हनुमान जी ढाल और तलवार लिए विराजमान हैं.

संसार का यह एकलौता हनुमान मंदिर है जहाँ हनुमान जी हाथ में ढाल और तलवार के साथ हैं और इनके चरणों में अहिरावण है. यह रूप श्री हनुमान जी ने पाताल में अहिरावण से युद्ध के समय धारण किया था और अहिरावण को पराजित कर अपने पैर के नीचे दबा दिया था. रामायण में इस युद्ध का जिक्र है. यह वही युद्ध है जब हनुमान जी, श्री राम और लक्ष्मण जी को पाताल से छुड़ा कर लाये थे. इस मंदिर की स्थापना का कोई निश्चित और प्रमाणित इतिहास तो नहीं है किन्तु कहा जाता है कि मंदिर की स्थापना सवा सौ साल से भी पहले की गई थी.

इस चमत्कारी मंदिर के इतिहास के पीछे एक लोक कथा प्रचलित है. मंदिर के पुजारी जी से आप इस कथा को सुन भी सकते हैं. कहते हैं कि एक बार दो राजाओं की लड़ाई में एक राजा जंग हारने की कगार पर पहुंच गया. भागते हुए वह भर्तहरी गुफा में पहुंचा, जहाँ पर एक महात्मा जी ध्यान कर रहे थे. राजा काफी देर यहाँ बैठा रहा और जब महात्मा जी का ध्यान खत्म हुआ तो उन्होंने राजा को कुछ रोटी के टुकड़े दिए और कहा कि इन्हें रास्ते में डालते जाना और जब तक यह खत्म ना हो जाये, पीछे मुड़कर मत देखना. जहां ये टुकड़े खत्म होंगे वहां तुम्हें एक मंदिर मिलेगा और वहीं तुम्हारी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी. राजा ने ऐसा ही किया, और जिस मंदिर के बाहर रोटी के टुकड़े खत्म हुए वो हनुमान जी का था, राजा ने पीछे मुड़कर देखा तो एक बड़ी सेना उसके पीछे थी, उसने फिर युद्ध किया और विजय हासिल की. तभी से इस मंदिर को रणजीत हनुमान मंदिर कहा जाने लगा.

इस मंदिर में हनुमान जी को लड्डुओं का भोग लगाया जाता है. आसपास के लोग बताते हैं कि यदि आपको हनुमान भगवान जी से जीत का आशीर्वाद चाहिए तो आप मात्र एक चोला और लड्डू लेकर यहाँ आइये. यहाँ विराजित हनुमान जी को लड्डुओं का भोग बहुत पसंद है और लड्डुओं के बदले में हनुमान जी व्यक्ति को जीत का आशीर्वाद देते हैं.

मंदिर की मान्यता भी है कि तुलसी के पत्ते के साथ जो भी भक्त रणजीत हनुमान जी को लड्डुओं का भोग लगाता है उसकी सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं. यहाँ एक दिन की भक्ति से ही कठिन से कठिन जंग में सफलता हासिल करने का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

इस प्रसिद्ध रणजीत हनुमान जी के मंदिर में कई फिल्म लेखक और निर्देशक, फिल्म की शूटिंग से पहले पूरी यूनिट के साथ आते हैं और साथ ही साथ कई राजनेता भी इस मंदिर में नियमित तौर पर आते रहते है. आज भी कई राजा घरानों के लोग यहाँ अपनी सलामती का आशीर्वाद लेने आते रहते हैं. हर मंगलवार और शनिवार को यहाँ 4 से 5 घंटों तक कीर्तन होता है. इस दिन रणजीत जी के दर्शनों के लिए लाखों लोग यहाँ पहुँचते हैं.