डॉलर की मजबूती, एंटी डंपिंग ड्यूटी के चलते प्रमुख धातुओं में आई कमजोरी

अमेरिका द्वारा मेटल की पाइप पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने की घोषणा और डॉलर में आई मजबूती से प्रमुख औद्योगिक धातुओं यानी बेस मेटल की कीमतों में कमजोरी आई है. घरेलू वायदा बाजार में गुरुवार को अल्युमीनियम और शीशा को छोड़ बाकी सभी औद्योगिक धातुओं में सुस्ती बनी हुई थी.

पूर्वाह्न् 11.40 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर निकेल के चालू महीने के वायदे में 10 रुपये यानी 1.06 फीसदी की गिरावट के साथ 934.60 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था.

वहीं, तांबा 3.35 रुपये यानी 0.81 फीसदी की कमजोरी के साथ 408.85 रुपये प्रति किलो पर बना हुआ था. जस्ता में करीब एक रुपया यानी 0.55 फीसदी की गिरावट के साथ 172.10 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था.

हालांकि शीशा 0.43 फीसदी की बढ़त के साथ 140.80 रुपये प्रति किलो था और अल्युमीनियम में तकरीबन स्थिरता के साथ 143.50 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था.

अंतर्राष्ट्रीय बाजार लंदन मेटल एक्सचेंज यानी एलएमई पर गुरुवार को शीशा छोड़ बाकी सभी बेस मेटल के दाम में गिरावट दर्ज की गई.

एलएमई पर अल्युमीनियम 0.72 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,054.25 डॉलर प्रति टन पर कारोबार कर रहा था. जिंक में 0.86 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,436.25 डॉलर प्रति टन और में कारोबार चल रहा था. वहीं निकेल और तांबे में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. निकेल 190 डॉलर यानी 1.40 फीसदी फिसलकर 13,395 डॉलर प्रति टन रह गया. वहीं तांबा भी 73.25 डॉलर यानी 1.22 फीसदी लुढ़क कर 5,940 डॉलर प्रति टन पर आ गया. हालांकि शीशा में 0.11 फीसदी की बढ़त के साथ 2,017.25 डॉलर प्रति टन पर कारोबार चल रहा था.

अमेरिका द्वारा छह देशों से आयातित धातु की पाइप पर 50 फीसदी एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने की घोषणा की गई है.

अमेरिका ने जिन छह देशों की पाइप पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने की घोषणा की है उनमें चीन, कनाडा, कोरिया, यूनान और तुर्की के साथ भारत भी शामिल है. इसलिए अमेरिकी सरकार के इस फैसले से भारत से भी अमेरिका को धातुओं की पाइप निर्यात पर असर पड़ेगा.

इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर में बढ़ोतरी का संकेत देने के बाद एक बार फिर डॉलर गुरुवार को दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हो गया.

डॉलर इंडेक्स 0.35 फीसदी की मजबूती के साथ 95.33 पर बना हुआ था. पिछले सत्र में डॉलर इंडेक्स 95 के स्तर से नीचे आ गया था.

बाजार विश्लेषक बताते हैं कि डॉलर में आई मजबूती से भी औद्योगिक धातुओं में गिरावट आई है.