बिहार : सीबीआई अधिकारियों के तबादले को लेकर सियासत गर्म

बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय गृह में लड़कियों के साथ यौनाचार मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ज़े पी़ मिश्रा के तबादले पर सत्ता पक्ष ने गुरुवार को विपक्ष पर पलटवार करते हुए मामले पर राजनीति नहीं करने की सलाह दी है.

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुजफ्फरपुर मामले की जांच कर रहे सीबीआई के एसपी मिश्रा के तबादले को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि एसपी का तबादला बालिका आश्रयगृह के असली अभियुक्तों को बचाने की साजिश के तहत किया गया है.

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “सीबीआई के एसपी का तबादला इसलिए करा दिया गया क्योंकि मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की डायरी में ‘पटना सर’ नाम के एक व्यक्ति तक उनके जांच की आंच पहुंच गई थी. ये ‘पटना सर’ कौन हैं?” इस ट्वीट के बाद जद (यू) ने राजद पर पलटवार करते हुए तेजस्वी से सभी मामलों में राजनीति नहीं करने की सलाह दी.

जद (यू) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने ट्वीट कर लिखा, “हर चीज में राजनीति! मुजफ्फरपुर आश्रय मामले में सीबीआई के एसपी के तबादले पर सवाल उठाया जा रहा, लेकिन चारा घोटाले की जांच कर रहे एएसपी अजय कुमार झा के तबादले पर क्यों नही? जबकि अभी भी चारा घोटाले के दो मामले की जांच प्रक्रिया में है.”

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर रांची से एएसपी झा का भी तो तबादला हुआ. इस मामले में लालू प्रसाद भी आरोपी है. इस तबादले पर आपका या राजद का क्या मन्तव्य है? नीरज ने कहा कि यही वे झा हैं, जिनके द्वारा इस मामले की गहन जांच ने आपके पिता जी को किए गए भ्रष्टाचार के कयरें में सजा दिलवाई.

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “कोई लाख करे चतुराई कर्म का लेख मिटे ना भाई. किसी का भी तबादला करवा ले, लेकिन आपके पिता लालू प्रसाद के कमोर्ं का फल तो मिलना ही है. इस मामले में तेजस्वी जी चुप क्यों हो गए. अजय झा के तबादले पर तो कुछ बोलिए. अब सांप सूंघ गया?”

उल्लेखनीय है कि 21 अगस्त को सीबीआई ने नौ अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था, जिसमें रांची सीबीआई के एएसपी अजय झा और पटना सीबीआई एसपी ज़े पी़ मिश्रा का भी नाम शामिल है.