इमरान खान के शपथ समारोह में सिद्धू ने पाक आर्मी चीफ को लगाया गले, भाजपा ने की आलोचना

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को पंजाब के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पर उनके द्वारा पाकिस्तान के सेना प्रमुख से गले मिलने को लेकर हमला बोला. पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल हुए नवजोत सिद्धू सेना प्रमुख से गले मिलने के साथ-साथ समारोह में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के राष्ट्रपति के बगल में बैठे थे, जिसपर भाजपा ने एतराज जताते हुए सिद्धू को कांग्रसे पार्टी से तत्काल निष्कासित करने की मांग की है.

भाजपा ने पाकिस्तान दौरे पर गए कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयानों की भी आलोचना की और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या सिद्धू ने वहां जाने के लिए उनकी अनुमति ली थी और क्या वह उनको पार्टी से तत्काल निष्कासित करेंगे.

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने संवाददाताओं से कहा, “इमरान खान के शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पाकिस्तान गए सिद्धू पाकिस्तानी सेना प्रमुख से गले मिले. वह पीओके के राष्ट्रपति मसूद खान के पास बैठे थे.”

पात्रा ने कहा, “यह साधारण बात नहीं है. सिद्धू कोई साधारण आदमी नहीं हैं, बल्कि वह पंजाब सरकार में मंत्री हैं.और हर भारतीय ने इस मसले को गंभीरता से लिया है.” उन्होंने सवाल किया कि सिद्धू ने उनके पास पीओके के राष्ट्रपति को बिठाने पर आपत्ति क्यों नहीं जाहिर की.

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पात्रा ने कहा, “राहुलजी, क्या आपने सिद्धू को पाकिस्तान जाने की अनुमति दी थी? क्या आप उनको देश वापस आने से पहले निष्कासित करेंगे.”

सिद्धू की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख से गले मिलने से पहले क्या उनको यह बात याद नहीं आई कि उनकी सेना किस प्रकार भारत में निर्दोष लोगों और सैनिकों की हत्या करती है.

भाजपा प्रवक्ता ने यह टिप्पणी सिद्धू के समारोह में शामिल होने और मीडिया को बयान देने के बाद आई है. सिद्धू ने पाकिस्तान के सरकारी मीडिया पीटीवी से बातचीत में कहा, “नई सरकार के साथ पाकिस्तान में नया सवेरा आया है, जिससे देश की किस्मत बदल सकती है.”

उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि खान की जीत से दोनों देशों के बीच शांति बहाली की राह सुगम होगी.

भाजपा नेता ने कहा, “सलमान खुर्शीद ने पाकिस्तान जाकर कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार पाकिस्तान के साथ शांति नहीं चाहती है. मणिशंकर अय्यर ने भी नवंबर 2015 में एक साक्षात्कार में पाकिस्तान में कहा कि मोदी सरकार को हटाना चाहिए.”