राजस्थान सरकार 4 और गांवों के नाम बदलेगी

राजस्थान सरकार चार और गांवों के नाम बदलेगी. इससे पहले राज्य सरकार तीन हिंदू बहुल गांवों के नाम बदल चुकी है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में 27 गांवों के नाम बदलने का प्रस्ताव किया है. हालांकि, केंद्र ने अबतक सिर्फ सात नाम बदलने की अनुमति दी है.

तीन गांव जिनके नाम बदले गए हैं, उसमें बाड़मेर में मियां का बाड़ा, महेश नगर बन चुका है, झुंझुनू का इस्लामपुर अब पिचनवा खुर्द बुलाया जाएगा और अजमेर के सलेमाबाद का नाम बदलकर श्री निंबार्क तीर्थ कर दिया गया है.

सूत्रों का कहना है कि इन गांवों की शिकायत थी कि मुस्लिम नामों की वजह से लोग अपने बच्चों की शादी करने से हिचकिचाते थे. चार अन्य गांवों के नाम भी बदले जाएंगे. इसके तहत चित्तौड़गढ़ के मोहम्मदपुर का नाम मेडिख खेड़ा हो जाएगा. इसी तरह चित्तौड़गढ़ का नवाबपुरा, रामपुरा-अजमपुर व मंडफिया क्रमश: नई सरथल, सीतारामजी खेड़ा व संवलियाजी बन जाएगा.

मियां का बाड़ा के पूर्व सरपंच हनवंत सिंह ने कहा कि गांव वाले बीते 50 सालों से गांव का नाम बदलने की मांग कर रहे थे. गांव का नाम बदलने का प्रस्ताव 2010 में किया गया था.

राजस्थान विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले गांवों के नाम बदलने का फैसला किया गया है. सूचना के अनुसार, गांव वालों की सहमति से पंचायत राजस्व विभाग को गांव का नाम बदलने का प्रस्ताव भेजती है. राज्य सरकार प्रस्ताव की समीक्षा करती है और इसे केंद्र को भेजती है. केंद्र सरकार की अनुमति के बाद नाम बदलने का प्रस्ताव पारित हो जाता है.